फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीआईआईः आत्मनिर्भर भारत का बेहतरीन नमूना है बजट

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने मोदी सरकार के वर्ष 2021-22 के बजट को शानदार बताया है। सोमवार को सेक्टर-31 स्थित सीआईआई मुख्यालय में बजट पर परिचर्चा का आयोजन किया गया था। उद्यमियों का कहना है कि कोविड सेस लगाने की काफी चर्चाएं थीं लेकिन सरकार ने ऐसा कोई सेस न लगाकर लोगों को राहत दी है। उद्योगपतियों का कहना है कि यह एक सकारात्मक और संतुलित बजट है। सरकार ने टैक्स स्लैब को नहीं छुआ लेकिन स्वास्थ्य के क्षेत्र में ज्यादा निवेश कर जरूरतों को पूरा करने का काम किया है। हालांकि एमएसएमई को कोई खास लाभ नहीं मिलने पर कुछ उद्योगपति बजट से खफा भी दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि बजट से बड़े उद्योगपतियों को तो राहत मिलेगी, लेकिन मध्य वर्ग को कोई खास लाभ नहीं होगा।
विज्ञापन

क्या कहते हैं उद्योगपति
---------------------------
बजट की घोषणाएं एमएसएमई के लिए सकारात्मक (फोटो रिशु के ट्रैक पर)
यह बजट कोविड-19 महामारी से तबाह अर्थव्यवस्था की पृष्ठभूमि में जीवन और आजीविका पर केंद्रित है। बजट में जीवन, आजीविका और विकास के सभी सही बक्सों को टिक किया गया है, जो अर्थव्यवस्था को समावेशी विकास पथ पर ले जाएगा। उत्तर एमएसएमई क्षेत्र का केंद्र है और बजट घोषणाएं एमएसएमई के लिए बहुत सकारात्मक हैं, जो कृषि के बाद आजीविका के सबसे बड़े अवसर प्रदान करते हैं।
- निखिल साहनी, प्रेसिडेंट, सीआईआई उत्तरी क्षेत्र
कोविड की वजह से सरकार का फोकस बदला (फोटो- वर्मा जी)
बजट की अच्छी बात है कि जनता पर नए टैक्स का कोई बोझ नहीं डाला गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र को काफी कुछ मिला है। कोविड की वजह से सरकार का फोकस बदला है। सड़कों और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भी सरकार ने पैसा दिया है। बैंकिंग सेक्टर को भी लाभ हुआ है। कुल मिलाकर बजट अच्छा है और इसके दूरगामी परिणाम अच्छे होंगे।
विज्ञापन

- डॉ. एसपीएस ग्रेवाल, चेयरमैन, सीआईआई चंडीगढ़ काउंसिल
यह एक संतुलित और सकारात्मक बजट (फोटो- वर्मा जी)
सरकार ने हर वर्ग को ध्यान में रखकर ही बजट तैयार किया है। यह एक संतुलित और सकारात्मक बजट है। सरकार का फोकस स्वास्थ्य के साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भी दिखाई दे रहा है, क्योंकि सड़क, रेलवे को काफी पैसा दिया गया है। गगनयान मिशन का भी बजट में ध्यान रखा गया है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए सरकार ने तोहफा दिया है।
- कर्नल शैलेश पाठक, चेयरमैन, हिमाचल प्रदेश स्टेट काउंसिल
मध्यम वर्ग को कुछ नहीं मिला (फोटो रिशु के ट्रैक पर)
सरकार ने डिस-इनवेस्टमेंट की बात कही है, यह अच्छा फैसला है। इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को वित्तीय सहायता देने के लिए सरकार ने एक इंस्टीट्यूशन का गठन करने का एलान किया है। यह बड़ी बात है क्योंकि देश के बैंक बड़ी परियोजनाओं में पैसा लगाने से डरते हैं। वाहन कबाड़ पॉलिसी अच्छी पहल है। हालांकि बजट में मध्य वर्ग को कुछ नहीं मिला। बजट में आत्मनिर्भरता की झलक दिलाई दे रही है।
- संजय खुराना, पास्ट चेयरमैन, हिमाचल प्रदेश स्टेट काउंसिल
कुल मिलाकर बजट अच्छा है (फोटो- वर्मा जी)
यह अच्छा बजट है लेकिन सरकार को स्वास्थ्य क्षेत्र में अपने निवेश को और बढ़ाना होगा क्योंकि अन्य देश अपनी जीडीपी का 3 से 6 प्रतिशत स्वास्थ्य के मद में खर्च करते हैं लेकिन भारत अभी भी एक प्रतिशत पर ही है। सरकार ने कोरोना वैक्सीन के लिए 35 हजार करोड़ का एलान किया है। कुल मिलाकर बजट अच्छा है। लोगों को इससे लाभ होगा।
- डॉ. दिनेश दुआ, पास्ट चेयरमैन, सीआईआई चंडीगढ़ काउंसिल
यह है आत्मनिर्भर भारत बजट (फोटो- वर्मा जी)
बजट को आत्मनिर्भर भारत बजट कहा जा सकता है। व्यक्तिगत इनकम टैक्स को सरकार ने बदला नहीं है। पिछले दो साल से सरकार ने इसमें कोई बदलाव नहीं किया है। सरकार ने दूरगामी परिणाम को लेकर बजट तैयार किया है। इससे स्वास्थ्य, बैंकिंग, इंश्योरेंस आदि सेक्टरों को काफी लाभ होने वाला है।
विज्ञापन

- शैलेश अग्रवाल, वाइस चेयरमैन, हिमाचल प्रदेश स्टेट काउंसिल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें