भाजपा के स्थानीय निकाय मंत्री अनिल जोशी के आरोपों से आजिज आकर पंजाब सरकार ने अब मुख्य सचिव को उनके सवालों का जवाब देने के लिए मैदान में उतारा है।
अब तक जोशी के आरोपों का जवाब देने के लिए अकाली दल से कोई मंत्री ही सामने आता था, लेकिन यह पहला मौका है, जब मंत्री के बजाय अफसरशाही को जवाब देना पड़ा है।
जोशी की ओर से लगे एनओसी न जारी करने के आरोपों के एक दिन बाद मुख्य सचिव सर्वेश कौशल ने इनका जवाब दिया है। कौशल ने कहा है कि रेगुलराइजेशन फीस जमा करवाने वाले सौ फीसदी लोगों को एनओसी जारी कर दी गई हैं।
इस मामले में जोशी का कहना था कि फीस जमा करने के बाद भी पुडा लोगों को एनओसी जारी नहीं कर रहा। जोशी इससे पहले वैट संशोधन के मामले में भी अपनी ही सरकार के खिलाफ झंडा बुलंद कर चुके हैं।
मुख्य सचिव कौशल ने शुक्रवार को 1995 के बाद बनी अवैध कॉलोनियों के प्लॉट मालिकों को एनओसी जारी करने का जायजा लिया। सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक 2,49,447 प्लॉट मालिकों ने रेगुलराइजेशन के लिए आवेदन किया था। इनमें से 1,41,496 प्लॉट म्यूनिसिपल एरिया में पड़ते थे, जबकि बाकी लोगों ने गमाडा, गलाडा जैसी संबंधित विकास एजेंसी को आवेदन दिया था।
इनमें से 1,85,504 लोगों ने सौ फीसदी रेगुलराइजेशन फीस और दस्तावेज जमा कराए थे। इन सभी को एनओसी जारी कर दी गई है। ये लोग संबंधित एजेंसी से रजिस्ट्री करवा कर प्लॉट भी बेच सकते हैं। जिन अवैध कॉलोनियों में अंडरग्राउंड सीवरेज और पेयजल सप्लाई की सुविधा है, वहां के प्लॉट मालिक एनओसी के आधार पर कनेक्शन ले सकेंगे।
मुख्य सचिव ने हिदायत दी कि जिन कॉलोनियों में 70 फीसदी लोगों को एनओसी मिल चुकी हैं, वहां पेयजल, सीवरेज जैसी प्राथमिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। बाकी प्लॉट मालिकों को नोटिस जारी कर सौ फीसदी रेगुलराइजेशन फीस जमा करने के लिए कहा गया है।