हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि हम अपनी तरफ से टकराव नहीं चाहते हैं। पंजाब के अकाली नेता अभी भी हरियाणा के गुरुद्वारों में मौजूद हैं।
हम देखना चाहते हैं कि वे कितने दिन और यहां रह सकते हैं। पंजाब को बड़ा भाई होने के नाते अपनी जिद छोड़ देनी चाहिए अन्यथा यह जिद हरियाणा पंजाब दोनों के लिए नुकसानदायक है।
झींडा ने पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के उस बयान पर हैरानी जताई, जिसमें उन्होंने कहा कि वह किसी झींडा को नहीं जानते।
उन्होंने कहा कि गत दो अप्रैल को सुखबीर बादल ने उन्हें बातचीत के लिए बुलाया था। तब वे 20 लोगों के साथ बादल से मिले थे।
उन्होंने चुनाव में मदद करने को कहा था और भरोसा दिलाया था कि वह जल्दी ही सब कमेटी बनवा देंगे। अब सुखबीर बादल पूछ रहे हैं कि झींडा कौन हैं। उन्होंने कहा कि अकाली नेताओं की नीति धक्केशाही की है। गुरुद्वारों में सेवा भाव उनका उद्देश्य नहीं है।
जगदीश सिंह झींडा ने बताया कि हरियाणा सरकार को हम सिखों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप के लिए नहीं कहेंगे। हमारी कोशिश है कि पंजाब खुद ही मान जाए और हरियाणा को उसके गुरुद्वारों में सेवा करने के अधिकार में बाधा न बने।
उन्होंने कहा कि शनिवार शाम तक हमने कई गुरुद्वारों के प्रबंधकों को हिसाब-किताब और जरूरी दस्तावेज लेकर बुला रखा है। अब वह एसजीपीसी के कर्मचारी नहीं हैं।
उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। उन्हें दस्तावेज लेकर कैथल पहुंचना चाहिए। यदि प्रबंधक नहीं आते तो उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।