चंडीगढ़ प्रशासन ने गुरुवार को शहर में छठ पूजा के आयोजन की अनुमति दे दी है। प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने कहा है कि छठ पूजा का आयोजन कराने वाली संस्थाएं, जहां भी इजाजत की मांग करेंगी, उन्हें दी जाएगी। हालांकि, इस दौरान कोरोना से बचाव के निर्देश का पालन कराने की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी।
चंडीगढ़ में उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों की संख्या काफी ज्यादा है। छठ पूजा बिहार और पूर्वांचल के लोगों का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है। हर साल चंडीगढ़ के सेक्टर-42 स्थित न्यू लेक पर छठ पूजा का आयोजन किया जाता है। यह आयोजन उत्तर प्रदेश और बिहार की विभिन्न संस्थाएं करती हैं। इसके लिए हर साल चंडीगढ़ प्रशासन से अनुमति ली जाती है और उसके बाद ही न्यू लेक पर पंडाल लगाए जाते हैं।
यह पूजा दो दिन के लिए आयोजित की जाती है। इस बार छठ पूजा 20 और 21 नवंबर के लिए तय है। प्रशासन ने पहले छठ पूजा के लिए इजाजत देने से मना कर दिया था। इसके बाद बिहार और पूर्वांचल के लोगों में इसके खिलाफ खासी नाराजगी देखी गई। लोगों ने चंडीगढ़ प्रशासन से छठ पूजा आयोजन कराने की मांग की। इसे लेकर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को भी पत्र लिखा गया।
गुरुवार को आखिरकार प्रशासन ने छठ पूजा की इजाजत दे दी। इस संबंध में प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने कहा कि जो भी संस्था जहां कहीं आयोजन के लिए इजाजत मांगेगी, उन्हें इजाजत दी जाएगी। हालांकि, स्थल पर पूजा के दौरान मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी आयोजकों की होगी।
गौरतलब है कि बुधवार को भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल डीसी मनदीप सिंह बराड़ से मिला था और न्यू लेक पर छठ पूजा के आयोजन की इजाजत मांगी थी। इसके अलावा भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष हरिशंकर मिश्रा ने प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को पत्र लिखकर छठ पूजा की अनुमति का आग्रह किया था।