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पंजाब: 2007 में कांग्रेस ने नहीं दी थी टिकट, निर्दलीय चन्नी ने जीता था विधानसभा चुनाव, अब बने 'उम्मीदों का चेहरा'

Tue, 21 Sep 2021 02:10 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब में दलित सिख चेहरे को सीएम बनाने के अपने फैसले को कांग्रेस ऐतिहासिक बता रही है। वहीं चन्नी के सहारे पार्टी की नजर 32 फीसदी दलित वोट पर है। ऐसे में पंजाब में कलह से जूझ रही कांग्रेस के लिए चन्नी केवल सीएम ही नहीं बल्कि उम्मीदों का भी चेहरा हैं। 
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पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी कांग्रेस के बागी रह चुके हैं। हालांकि व्यक्तिगत रूप से वह काफी जमीनी नेता हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि अभी तक वह अपनी कार स्वयं चलाते रहे हैं। उनके बारे में यह कहा जाता है कि 2012 में युवा कांग्रेस में रहने के दौरान कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से काफी नजदीकियां बढ़ी थीं, जिसका लाभ उन्हें अब मिला है।

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2007 में निर्दलीय जीता था चुनाव
पंजाब कांग्रेस के दलित चेहरे के रूप में उभरे चरणजीत सिंह चन्नी ने 2007 में चमकौर साहिब सीट से कांग्रेस की टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्होंने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को 10 हजार से अधिक वोटों से पटखनी दी थी। इसके बाद 2010 में कैप्टन अमरिंदर सिंह दोबारा उन्हें 2010 में कांग्रेस में लेकर आए थे। 

2012 में युवा कांग्रेस की जिम्मेदारी मिलने के दौरान पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से उनकी नजदीकियां बढ़ीं, जिसके बाद से वह लगातार कांग्रेस में ही बने हुए हैं। 2012 में फिर उन्हें पार्टी ने चमकौर साहिब से कांग्रेस प्रत्याशी बनाया। चन्नी ने चुनाव में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को हराकर फिर से 2017 में अपनी दावेदारी पेश की। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उन्हें 2017 में दोबारा चमकौर साहिब की जिम्मेदारी दी।

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तीन बार खरड़ के रहे पार्षद

चन्नी ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत खरड़ नगर काउंसिल के पार्षद का चुनाव लड़कर की थी। उन्होंने 3 बार पार्षद का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। एक बार वह खरड़ नगर काउंसिल के अध्यक्ष पद पर भी रहे।

कैप्टन से मिलने नहीं पहुंचे चन्नी
पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी शपथ ग्रहण के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिलने नहीं पहुंचे। चर्चा यह थी कि चन्नी के शपथ ग्रहण समारोह में कैप्टन भी पहुंचेंगे। यह भी कहा जा रहा था कि यदि समारोह में कैप्टन नहीं आते हैं तो चन्नी कैप्टन से मिलने सिसवां फार्म हाउस जाएंगे।

कौन हैं ओपी सोनी
ओपी सोनी पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी हैं। जब कैप्टन अमरिंदर सिंह राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने गए थे, उस समय ओपी सोनी भी कैप्टन के साथ मौजूद थे। कहा जा रहा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी ओपी सोनी को डिप्टी सीएम बनाकर कांग्रेस आलाकमान ने अमरिंदर सिंह को साधने का काम किया है।

कौन हैं सुखजिंदर सिंह रंधावा
सुखजिंदर सिंह रंधावा जाट सिख समुदाय से आते हैं और तीन बार विधायक का चुनाव जीत चुके हैं। इसके साथ ही सुखजिंदर पंजाब की कैप्टन कैबिनेट में मंत्री (जेल और सहकारिता) रह चुके हैं। रंधावा पंजाब कांग्रेस के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। सुखजिंदर सिंह रंधावा किसी वक्त पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी थे लेकिन धीरे-धीरे यह रिश्ता खट्टा होता गया। 

सुखजिंदर सिंह रंधावा फिलहाल डेरा बाबा नानक विधानसभा सीट से विधायक हैं। उनके पिता संतोख सिंह भी कांग्रेस में थे, वह दो बार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रहे थे। रंधावा ने पहली बार साल 2002 में फतेहगढ़ चूड़ियां सीट से चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्होंने अकाली दल के निर्मल सिंह को पराजित किया था।
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