पिछले नौ साल से संगठन को लेकर तरस रही हरियाणा कांग्रेस को इसके लिए और इंतजार करना पड़ेगा। फिलहाल हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष द्वारा सौंपी गई संगठन सूची में हाईकमान ने बदलाव के संकेत दिए हैं। हाईकमान का इशारा मिलते ही हरियाणा के नए प्रभारी दीपक बाबरिया ने जिलावार कांग्रेस नेताओं के साथ संगठन को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। तमाम जिलों से फीडबैक लेने के बाद ही दीपक बाबरिया हाईकमान को पूरी रिपोर्ट देंगे। संभावना है कि इसी फीडबैक के आधार पर संगठन की सूची में संशोधन किया जा सकता है।
अप्रैल, 2022 में चौधरी उदय भान को हरियाणा कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। लंबी कसरत के बाद से चौधरी उदयभान ने अगस्त 2022 में संगठन की सूची तैयार कर हाईकमान को भेजी थी। इसके बाद से सूची जारी कराने को लेकर खुद प्रदेशाध्यक्ष कई बार दिल्ली में हाईकमान से मुलाकात कर चुके हैं। लेकिन बीच में हरियाणा प्रभारी बदले जाने के चलते यह सूची फिर लटक गई। हरियाणा प्रभारी विवेक बंसल के स्थान पर शक्ति सिंह गोहिल को जिम्मेदारी दी गई, लेकिन जून 2023 में फिर से इनके स्थान पर दीपक बाबरिया को कमान सौंपी गई। दीपक बावरिया का कहना है कि अगस्त तक बैठकें पूरी कर ली जाएंगी और इसके बाद संगठन की सूची आएगी।
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कार्यकर्ताओं के मन की थाह ले रहे बाबरिया
हरियाणा का प्रभार मिलते ही बाबरिया ने जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है। दो दिनों तक चंडीगढ़ में कांग्रेस नेताओं के साथ मंथन करने के बाद अब वह जिला और लोकसभा स्तर पर नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ वन टू वन संवाद कर रहे हैं। वह गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत व करनाल के नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं। इसके बाद भिवानी, अंबाला, कुरुक्षेत्र समेत अन्य जिलों के नेताओं से संगठन को लेकर फीडबैक लेंगे।
बैठकों में प्रभारी लोकसभा के प्रत्याशियों के साथ-साथ जिलाध्यक्षों के उपयुक्त दावेदारों के बारे में भी नाम ले रहे हैं। इसी फीडबैक के आधार पर वह लोकसभा 2024 के चुनावों के उम्मीदवारों की सूची तैयार करेंगे और संगठन के नेता भी इसी रिपोर्ट के आधार पर चुने जाएंगे। बताया जाता है कि हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करने के लिए हाईकमान सभी दिग्गज नेताओं के समर्थकों को संगठन में जगह देने की तैयारी में है, ताकि संगठन में किसी एक नेता का प्रभाव न होकर सभी को समायोजित किया जा सके।
इसलिए होगा सूची में संशोधन
पिछले एक साल में कांग्रेस में कई गुट थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के विरोधी माने जाने वाले कुमारी सैलजा, रणदीप सुरजेवाला और किरण चौधरी एक मंच पर आ गए हैं। जबकि साल पहले ये सभी अलग-अलग बंटे हुए थे। अब इस तिकड़ी ने एकजुट होकर न केवल सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है, बल्कि हाईकमान को अपनी ताकत का अहसास भी करा रहे हैं। पहले बनाई गई सूची में एक ही धड़े के अधिक नेताओं को एडजेस्ट करने के आरोप लगते रहे हैं, इसलिए अब तालमेल बैठाने के लिए अन्य नेताओं के समर्थकों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है। संगठन में केवल सिफारिशी नहीं जमीनी स्तर पर मजबूत नेताओं को तव्वजो देने की कोशिश है।
संगठन की सूची में बदलाव करना है या नहीं करना है, यह फैसला हाईकमान करेगा। फिलहाल हरियाणा प्रभारी कार्यकर्ताओं के साथ मंथन कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि जल्द ही सूची जारी की जाएगी।
-चौधरी उदयभान, प्रदेशाध्यक्ष, कांग्रेस।