देश में गरीब-अमीर में अंतर और जात-पात की राजनीति बढ़ती जा रही है। राजनेता स्वार्थ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। शहीद-ए-आजम भगत सिंह और किसान नेता छोटूराम की तरह समाजवाद को अपनाकर सामाजिक मुद्दों पर आवाज बुलंद करने की जरूरत है। सिर्फ नाम की आजादी मिली है, सामाजिक समस्याओं को लेकर पहले की तरह पिस रहे हैं। - अमन, विद्यार्थी
सबको साथ लेकर चलना होगा
आज महात्मा गांधी के विचार दबते जा रहे हैं। हमें शांतिपूर्ण तरीके से मुद्दों का हल निकालना चाहिए। राजनीति और समाज दोनों में स्वार्थ बढ़ रहा है। गांधी सबको साथ लेकर चलते थे, अगर हमें किसी चीज के खिलाफ लड़ना है तो हमें एकजुट होना बहुत जरूरी है। -लक्षित, विद्यार्थी
स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानें
देश को आजादी दिलाने में महात्मा गांधी और शहीद-ए-आजम भगत सिंह की अहम भूमिका रही है। वर्तमान में दोनों के विचार प्रासंगिक है। युवाओं को शहीद भगत सिंह के विचारों से प्रेरणा लेनी चाहिए। महात्मा गांधी की तरह धीमी और स्थिर गति से हम समस्याओं से निजात नहीं पा सकते। युवाओं को स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में पढ़ना चाहिए। - राहुल धीमान, कलाकार
आवाज उठाने की शुरुआत करें
शहीद-ए-आजम भगत सिंह आज भी प्रासंगिक और प्रेरणादायी हैं। युवाओं को उनसे प्रेरणा लेकर देश और समाज के लिए आगे आना चाहिए। आज हम अधिक स्वार्थी हो गए हैं। इसकी शुरुआत घर से ही हो सकती है कि पहले हम परिवार और आसपास की समस्याओं के लिए आवाज उठाएं। - प्रीति, रंगकर्मी