चंडीगढ़। स्वास्थ्य व फ्रंटलाइन कर्मियों को टीका लगाने में चंडीगढ़ प्रशासन राष्ट्रीय औसत से भी पिछड़ गया है। सबसे कम स्वास्थ्य कर्मियों को कोविड वैक्सीन की पहली डोज लगवाने में चंडीगढ़ देश में दूसरे नंबर है। टीकाकरण की धीमी रफ्तार को देखते हुए केंद्र सरकार ने प्रशासन को कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
केंद्र सरकार के अधिकारी और चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों के बीच हुई एक वीडियो कांफ्रेंसिंग में बताया गया कि चंडीगढ़ में अभी तक सिर्फ 59.04 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों को ही वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई है, जबकि इसका राष्ट्रीय औसत 87.17 प्रतिशत है। इस लिहाज में चंडीगढ़ स्वास्थ्य कर्मियों को पहली डोज देने में काफी पीछे है। इस मामले में चंडीगढ़ देश में दूसरे नंबर पर है। पहले नंबर पर नागालैंड है, जहां सिर्फ 56.27 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों को ही टीका लगा है। इसके अलावा फ्रंटलाइन कर्मियों को पहली डोज देने के मामले में भी चंडीगढ़ राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे है। अभी तक चंडीगढ़ में 64.63 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों को ही टीका लगाया है जबकि इसका राष्ट्रीय औसत 78.55 प्रतिशत है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने चंडीगढ़ के धीमे टीकाकरण कार्य पर चिंता जताई है। उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वैक्सीनेशन की रफ्तार को तेज करना होगा। उन्होंने स्वास्थ्य व फ्रंटलाइन कर्मियों को वैक्सीन देने पर बल देने के लिए कहा है। केंद्र के अधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्य व फ्रंटलाइन कर्मी सुरक्षित रहेंगे, तभी वह कोरोना से लड़ सकेंगे।