फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्राइसिटी में झमाझम बारिश: चंडीगढ़ में 9.2 डिग्री गिरा तापमान, पंचकूला में जलमग्न हुई सड़कें

Fri, 17 Sep 2021 01:46 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

गुरुवार शाम को चंडीगढ़-पंचकूला और मोहाली में जोरदार बारिश हुई। ढाई घंटे में 45.2 एमएम बरसात चंडीगढ़ में दर्ज की गई। यह वजह रही कि तापमान में भी 9.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। अगले तीन दिनों तक हल्की बारिश का अनुमान है।
विज्ञापन
ट्राइसिटी में हुई झमाझम बारिश - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ट्राइसिटी में गुरुवार शाम झमाझम बारिश हुई। ढाई घंटे में 45.2 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे तापमान 9.2 डिग्री नीचे गिर गया। चंडीगढ़ में दोपहर तीन बजे शहर का तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस था, जो रात 8 बजे गिरकर 24 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी तीन दिन तक हल्की बारिश का अनुमान है।

विज्ञापन


सुबह से तेज धूप के बाद शाम को मौसम में बदलाव दिखा। अचानक तेज बारिश से रास्ते में जा रहे लोगों के लिए बचना मुश्किल हो गया। कोई पेड़ के नीचे तो कोई छत की तलाश करने लगा। इस दौरान मौसम काफी सुहाना हो गया। दिनभर उमस से परेशान लोगों ने राहत महसूस की।

यह भी पढ़ें- पंजाब में धमाका: डेढ़ किमी दूर तक सुनाई दी आवाज, एक युवक की मौत, सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं
विज्ञापन


मौसम विभाग के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.5 डिग्री ज्यादा रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 4.2 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया। अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान 35 व न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि अगले दो सप्ताह तक मानसून के सक्रिय रहने की उम्मीद है। पिछले कई साल में मानसून अक्तूबर तक भी सक्रिय रहा है। पिछले पांच दिनों में शहर में 65.5 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

पंचकूला में झमाझम बारिश से सड़कें बनीं तालाब
पंचकूला में अचानक हुई बारिश से शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं। सेक्टरों में जलभराव होने से घरों में भी पानी घुस गया। कई घंटों की लगातार बारिश से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नालियां जाम होने की वजह से सड़कें तालाब बन गईं। रोड गलियां और सीवरेज लाइन की सफाई न होने से सेक्टरों में पानी जमा हो गया। अनेक जगह लोग अपने सामान को बचाने की जुगत में लगे थे। बरसात के मौसम में जलभराव होने पर नगर निगम के अधिकारी वादा करते हैं कि अगली बार जलभराव का सामना नहीं करना पड़ेगा लेकिन छुटकारा नहीं मिल रहा है। हर बार बारिश होते ही शहर तालाब बनकर रह जाता है। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- आतंकी हमले की आशंका: पठानकोट में रेड अलर्ट, हिमाचल प्रदेश व जम्मू की सीमाएं सील, वाहनों की गहन जांच जारी

सबसे ज्यादा परेशानी शहर के निचले हिस्सों में रहने वालों को होती है। शहर का सारा पानी उसी तरह एकत्रित हो जाता है। गुरुवार शाम को हुई बारिश के चलते सेक्टर-7, सेक्टर-8, सेक्टर-9, सेक्टर-10, सेक्टर-11, सेक्टर-12, सेक्टर-14, सेक्टर-15, सेक्टर-16, सेक्टर-17, सेक्टर-18, सेक्टर-19, सेक्टर-20, औद्योगिक क्षेत्र-1, औद्योगिक क्षेत्र फेस-2, महेशपुर, राजीव-इंदिरा कॉलोनी के लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ा।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें