हर मार्केट में भीड़भाड़ हो जाएगी और दुकानदारों तथा ग्राहकों के लिए परेशानी खड़ी होगी। मार्केट का इन्फ्रास्ट्रक्चर केवल मार्केट में काम करने वाले दुकानदारों की जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाया गया है। वेंडरों के इन मार्केट में बैठने से पूरा ढांचा बिगड़ जाएगा। उनका कहना है कि दुकानदार या कोई भी व्यक्ति वेंडर जोन के खिलाफ नहीं हैं।
रोष केवल वेंडर जोन की सरहदबंदी को लेकर है। कैलाश चंद ने बताया कि वेंडर्स को अलग से स्थान दिया जाए जो मार्केट अथवा रेजिडेंशियल एरिया से अलग हो। वहां पर उन्हें सभी बुनियादी सुविधाएं दी जाएं ताकि ग्राहकों को भी सुविधा हो। उनका कहना है कि मार्केट में वेंडर्स को बैठाने से पार्किंग, कानून व्यवस्था समेत कई समस्याएं खड़ी हो जाएंगी।
दुकानदारों का सामान उठाया जा रहा
जैन ने बताया कि उन्होंने पत्र में यह भी लिखा है कि एक तरफ तो नगर निगम मार्केट में वेंडर्स को बैठा रहा है दूसरी तरफ अगर कोई दुकानदार अपनी दुकान के बरामदे में कोई सामान रखता है तो उस पर भारी भरकम जुर्माना लगाया जा रहा है। तथा उनका सामान भी उठाया जा रहा है। दुकानदार बरामदे की कीमत अदा करते हैं, लीज मनी देते हैं, प्रॉपर्टी टैक्स देते हैं, उन पर तो शिकंजा कसा जा रहा है जबकि उनकी दुकानों के आगे वेंडर्स को बिठाया जा रहा है जो सरासर धक्केशाही है।