चंडीगढ़। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहरवासियों ने दो दिन बिजली का संकट झेला। बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने कहा था कि ज्यादातर जगहों पर बिजली काटी गई है, इसलिए अब प्रशासन के अधिकारी ऐसे कर्मचारियों की सूची बना रहे हैं।
सलाहकार ने कहा था कि एस्मा लागू होने के बाद सभी कर्मचारियों को ड्यूटी ज्वाइन करनी होगी। जो नहीं करेगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के सूत्रों के अनुसार बिजली विभाग के सभी कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। हालांकि, प्रशासन अब ऐसे लोगों की पहचान करने में लगा हुआ है, जिन्होंने जान-बूझकर बिजली काटी। सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि 21 व 22 फरवरी की रात को जान-बूझकर जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 की बिजली बाधित की गई। दोनों अस्पतालों में प्लग निकाले गए, जिसके चलते बिजली बाधित हुई। ऐसा कर अस्पताल में भर्ती मरीजों की जान जोखिम में डाली गई। इसके साथ ही दवाइयां व इंजेक्शन खराब होने का भी खतरा बना रहा। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच हो रही है। इसमें शामिल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।