चंडीगढ़ यूटी प्रशासन का समाज कल्याण विभाग शहर के सभी वृद्ध आश्रम, चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूट्स (सीसीआई) आदि में दान करने की नीति में बदलाव करने जा रहा है। अब पूरी प्रक्रिया कैशलेस होगी। लोगों को आटा, चावल, नमक, रिफाइंड व अन्य चीजों की जगह इसके पैसे दान करने होंगे। साथ ही नई नीति के अनुसार विदेश में बैठा भी कोई व्यक्ति चंडीगढ़ के अनाथ बच्चों का खर्च उठा सकेगा।
दुनिया के चलने के जितने नियम बताए गए हैं, उनमें दानियों की उदारता सबसे ऊंचे पाए की मानी जाती है। इसलिए लोग धार्मिक स्थल, वृद्धा आश्रम, अनाथालय आदि जगहों पर राशन, कपड़े आदि चीजें दान करते हैं। समाज कल्याण विभाग की तरफ से शहर में कई वृद्ध आश्रम व सीसीआई चलाए जाते हैं। लोगों की तरफ से यहां काफी संख्या में राशन आदि दान किया जाता है, जिसके बदले में संबंधित आश्रम की तरफ से पर्ची काटी जाती है। ये पूरी प्रक्रिया ऑफलाइन है।
दान के बदले में कितनी पर्चियां जारी की जा रही हैं, कितनी नहीं। इस पर विभाग का कोई नियंत्रण नहीं है। इसमें कई बार भ्रष्टाचार की भी शिकायतें विभाग को मिलती हैं। इसलिए अब पूरी व्यवस्था को ही कैशलेस व ऑनलाइन किया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग दान नीति में ही संशोधन करने जा रहा है। समाज कल्याण विभाग की सचिव नीतिका पवार ने बताया कि विभाग ने इस पर काम लगभग पूरा कर लिया है और जल्द ही नीति में संशोधन कर इसे लागू कर दिया जाएगा।
एक बच्चे के एक समय के खाने का खर्च भी उठा सकेंगे
नीतिका पवार ने बताया कि विभाग यह व्यवस्था करने जा रहा है कि अगर कोई व्यक्ति कहीं भी बैठा है वह सीसीआई के किसी एक बच्चे के एक समय का खाने का खर्च भी उठाना चाहता है तो ऐसा करने की सहूलियत दी जाएगी। विभाग की तरफ से एक राशि बताई जाएगी, जिसे विभाग के खाते में वह ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर सकेंगे। विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि दान करने वाले व्यक्ति का पैसा सही जगह पर लगा है। इसकी उन्हें जानकारी भी दी जाएगी। इसके अलावा कोई किसी बच्चे का पढ़ाई खर्च उठाना चाहेगा तो विभाग स्कूल के अनुसार खर्च बताएगा। यही नहीं, कोई अगर बच्चे के साथ लंच करना चाहे तो वह भी संभव हो सकेगा। विभाग इसके लिए इजाजत देगा। हालांकि पहले आवेदन करना होगा। ये सुविधाएं जल्द ही विभाग की वेबसाइट पर शुरू होगी। मोबाइल एप बनाने पर भी विचार चल रहा है।
दान करने की जगह पर लगेंगी पीओएस मशीनें, यूपीआई से भी होगी ट्रांजेक्शन
वर्तमान में लोगों की तरफ से जो राशन दिया जाता है, वो विभाग के स्टोर में पड़ा रह जाता है। अब राशन देने की प्रथा को बंद करके उसकी कीमत को खाते में डालने के लिए विभाग की तरफ से लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए सभी वृद्धा आश्रम, सीसीआई आदि में पर्ची सिस्टम को खत्म करके वहां पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी, जिसमें डेबिट, क्रेडिट कार्ड को स्वाइप किया जा सकेगा। यूपीआई के माध्यम से भी लोग दान कर सकेंगे। व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए विभाग सीसीआई, सभी आश्रमों में मौजूद किचन के राशन की खरीद की प्रक्रिया को बदलने जा रहा है।
दान करने की पूरी व्यवस्था को हम कैशलेस और ऑनलाइन करने जा रहा हैं ताकि पारदर्शिता रहे। दान नीति में यह भी जोड़ने जा रहे हैं कि कोई कहीं भी बैठे किसी भी बच्चे की पढ़ाई, राशन आदि का खर्च उठा सके। हम यह सुनिश्चित भी करेंगे कि दानकर्ता की तरफ से दिया गया गया, ठीक जगह पर इस्तेमाल हुआ है। - नीतिका पवार, सचिव, समाज कल्याण विभाग, चंडीगढ़