राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बारे में यदि कुछ जानना चाहते हैं तो चंडीगढ़ के सेक्टर-16 स्थित गांधी स्मारक भवन में चले आइए। इसके पुस्तकालय में रखीं 14 हजार पुस्तकें हमें गांधी जी के विचारों से रूबरू कराती हैं। संग्रहालय में रखा सामान बच्चों के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करता है।
दो अक्टूबर 1962 में तत्कालीन उप राष्ट्रपति डॉक्टर जाकिर हुसैन ने इस संग्रहालय का उद्घाटन किया था। यह केंद्र अपनी गतिविधियों और समाज कल्याण व गांधी के विचारों से प्रेरित कार्यों के प्रचार प्रसार के लिए प्रसिद्ध है। गांधी स्मारक भवन को चंडीगढ़ का राजघाट भी कहा जाता है। गांधी स्मारक भवन के निदेशक डॉ. देवराज त्यागी ने बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे संस्था का कार्य सामूहिक प्रार्थना से शुरू होता है। सभी कार्यकर्ता सर्वधर्म प्रार्थना करते हैं। प्रार्थना के उपरांत कोई आध्यात्मिक एवं पत्रिकाओं में प्रकाशित समसामयिक लेखों का वाचन व उन पर चर्चा होती है।
एक नजर में पठन पाठन सामग्री
- 14000 पुस्तकें हैं पुस्तकालय में
- 1700 पुस्तकें गांधी जी के जीवन पर आधारित हैं
- 70 पाठक एक साथ बैठकर पुस्तकें पढ़ सकते हैं
- 200 रुपये में सदस्यों को पुस्तकें एवं पत्रिकायें घर पढ़ने के लिए मिलती हैं
- 500 पाठक प्रतिवर्ष पुस्तकालय एवं वाचनालय का लाभ उठाते हैं
- 15 दैनिक पत्र-पत्रिकाएं नियमित आती हैं
- 05 साप्ताहिक पत्र-पत्रिकाएं नियमित आती हैं
- 05 पाक्षिक पत्र-पत्रिकाएं नियमित आती हैं
- 23 मासिक पत्र-पत्रिकाएं नियमित आती हैं
- 05 द्वैमासिक पत्र-पत्रिकाएं नियमित आती हैं
- 11 त्रैमासिक पत्र-पत्रिकाएं नियमित आती हैं
- 04 लाख रुपये की साहित्य एवं ग्रामोद्योग की बिक्री हर वर्ष होती है
प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग का डिप्लोमा
प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग (एनडीडीवाई) का साढ़े तीन वर्षीय डिप्लोमा भी यहां कराया जाता है। गांधी स्मारक प्राकृतिक चिकित्सा समिति नई दिल्ली के अंतर्गत गांधी नेशनल एकाडमी ऑफ नैचुरोपैथी की ओर से साढ़े तीन वर्षीय डिप्लोमा की परीक्षाएं आयोजित करने का यह प्रमुख केंद्र हैं। 1998 से यह परीक्षाएं चल रही हैं। लगभग 18 हजार प्राकृतिक चिकित्सक यह परीक्षा पास कर चुके हैं।
संग्रहालय में यह देख सकते हैं
संग्रहालय में गांधी जी के जन्म से मृत्यु तक की लगभग 150 तस्वीरें हैं। गांधी जी की जेल यात्रा, दांडी यात्रा का नक्शा, अंग्रेजों के जमाने का फोन, जिसमें गांधी जी का अंग्रेजी और हिंदी में में भाषण सुना जा सकता है। उनके जीवन पर आधारित शॉर्ट फिल्म, विश्व के लगभग 100 से अधिक राष्ट्रों ने गांधी जी की तस्वीर का डाक टिकट जारी किया हुआ है। इनमें से 35 यहां प्रदर्शित हैं। इसके अतिरिक्त यहां नमक बनाते हुए गांधी जी, उनका बिस्तर, खड़ाऊं, चश्मा, पॉकेट वॉच, पेटी चर्खा, लकड़ी के बर्तन, तीन बंदर प्रदर्शित किए गए हैं।