चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कई कर्मचारी परिवार में किसी के कोरोना पॉजिटिव होने से खुद क्वारंटीन लीव लेकर घर बैठ गए हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य सचिव व चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सीईओ यशपाल गर्ग ने आदेश जारी किए हैं कि कोविड पॉजिटिव होने, घर कंटेनमेंट जोन बनने और किसी अपने की देखभाल के लिए ही कर्मचारी को क्वारंटीन लीव मिलेगी।
यशपाल गर्ग ने मंगलवार को एक आदेश जारी किया है। लिखा है कि कई कर्मचारी क्वारंटीन लीव लेकर घर बैठ गए हैं, क्योंकि उनके परिवार में कोई सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। यह एकमात्र कारण क्वारंटीन लीव के लिए पर्याप्त नहीं है। गर्ग ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है, घर कंटेनमेंट जोन बनता है तब ही वह क्वारंटीन लीव के लिए हकदार है अन्यथा अगर परिवार में कोई सदस्य कोरोना पॉजिटिव आया है, तो संबंधित कर्मचारी को तुरंत अपना कोविड टेस्ट कराना होगा, अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो उन्हें क्वारंटीन लीव दी जाएगी। अगर रिपोर्ट निगेटिव आती है तो उन्हें ड्यूटी ज्वाइन करनी होगी। हालांकि, आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर कोई कर्मचारी अपने किसी खास की देखभाल करना चाहता है तो उसके लिए उसे अलग से आवेदन देना होगी।
पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के लिए खेर ने दिए 10 लाख
सांसद किरण खेर ने सांसद निधि से जीएमएसएच-16 के लिए 10 लाख रुपये दिए हैं। खेर ने डीसी विनय प्रताप सिंह को एक पत्र लिखा है और कहा है कि इन 10 लाख रुपयों का इस्तेमाल पोर्टेबल एक्स-रे मशीन खरीदने के लिए दिए हैं। पत्र में लिखा है कि कोरोना की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए इन पैसों से तुरंत एक पोर्टेबल एक्स-रे मशीन खरीदी जाए।