चंडीगढ़ के नए आईजी तेजिंदर सिंह लूथरा
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पुलिस की लापरवाही का आलम देखिए। मोबाइल चोरी की रिपोर्ट दर्ज करने की बजाय गुम होने की डीडीआर दर्ज कर दी। मामले में पीड़ित महिला डॉक्टर ने आईजी से पुलिस कर्मियों की शिकायत कर दी। यह करतूत चंडीगढ़ पुलिस की है।
पीड़ित महिला को जब इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने ई-मेल के जरिए पुलिस की इस कारगुजारी को आईजी के सामने रखा। आईजी के निर्देश पर पुलिस ने सोमवार को चोरी की एफआईआर दर्ज की।
जानकारी के अनुसार, चार फरवरी को आईजी को ईमेल द्वारा भेजी शिकायत में जीएमसीएच-32 की सीनियर रेजिडेंस डॉक्टर रीना ठाकु र ने कहा कि वह 26 फरवरी को अपने परिवार के साथ कलाग्राम प्रदर्शनी देखने गई थीं।
इस दौरान उनका मोबाइल गायब हो गया था। इसके बाद वह पुलिस के लास्ट एंड फाउंड स्टॉल पर जाकर इसकी जानकारी दी। पुलिसकर्मी ने मोबाइल गुमने की बात कही तो रीना ने कहा की उनका मोबाइल चोरी किया गया है।
इसके बाद वह उस काउंटर पर पुलिसकर्मी को ले गईं, जहां वह मोबाइल गायब होने के समय खड़ी थीं। पुलिस ने वहां लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक की तो चोरी का मामला सामने आया। फुटेज में देखा की 13 साल का नाबालिग डॉक्टर के पीछे खड़ा है।
फुटेज में दिख रहा है कि वह डॉक्टर की जेब से मोबाइल चुरा रहा है। उस लड़के के साथ खड़ा एक आदमी उसे निर्देश देता दिख रहा है। फुटेज में चोरी करते हुए लड़के को देखने केबाद पुलिस कर्मियों ने उन्हें मौली जागरां थाने जाकर शिकायत दर्ज करवाने की सलाह दी।
जब वह थाने गईं तो वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने डीडीआर काट कर दे दी। महिला को डीडीआर का तब पता चला जब वह नया सिम लेने गईं। वहां दुकानदार ने उन्हें शिकायत पढ़कर सुनाई। इसमें पुलिस ने चोरी की जगह मोबाइल खोने की डीडीआर लिखी हुई थी। डाक्टर ने थाना पुलिस के इस रवैये के बारे में आईजी आरपी उपाध्याय को ई-मेल भेजी। आईजी के निर्देश पर मौली जागरां थाना पुलिस ने सात मार्च को इस मामले में चोरी की एफआईआर दर्ज की।