विधायकों को रोकने का मामला विधानसभा में भी गूंजा। कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि विधायकों के साथ पुलिस का ये रवैया बहुत गलत है। पूर्व स्पीकर रघुबीर कादियान ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई। बाद में खुद हुड्डा खड़े हुए और आपबीती बताते हुए कार्रवाई की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद ने कहा कि जिससे कहोगे, जांच कराएंगे। इस पर हुड्डा ने कहा कि इस मामले को विशेषाधिकार कमेटी को सौंपा जाए।
मेरे साथ आज से पहले कभी ऐसा नहीं हुआ: हुड्डा
नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि मेरे साथ जिंदगी में ऐसा वाकया पहले कभी नहीं हुआ। मैंने खुद सामने वाले पुलिस अधिकारी से पूछा कि क्या आप मुझे जानते हैं तो उसने जबाव दिया कि हां। इस पर मैंने कहा कि मैं आपके साथ खड़ा हो जाता हूं और विधायकों की पहचान करवाता हूं, एक-एक करके विधायकों को विधानसभा में जाने दो लेकिन फिर भी वह नहीं माना। इसके बाद हम बैरिकेड हटाकर आगे निकले। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में यह बहुत गलत तरीका है, विधायक अगर विधानसभा में नहीं जाएगा तो कहां जाएगा।
अगर किसी ने ऐसा किया है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितना ही बड़ा अधिकारी क्यों न हो। इस मामले की जांच विधानसभा की विशेषाधिकारी समिति को सौंपी गई है। विधायकों के साथ ऐसा बर्ताव सहन नहीं किया जाएगा। ज्ञान चंद गुप्ता, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष।
सीएम की सुरक्षा में चूक का मामला भी है लंबित
10 मार्च 2021 को विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने के बाद सीएम मनोहर लाल प्रेस से बात कर रहे थे। इसी दौरान अचानक से काले झंडे लेकर पंजाब के अकाली विधायक नारेबाजी करते हुए सीएम तक पहुंच गए थे। आनन-फानन विधायकों को रोका गया। विधानसभा अध्यक्ष ने इस मामले को गंभीरता से लिया था और डीजीपी से रिपोर्ट तलब की थी। डीजीपी ने दो रिपोर्ट दी। लेकिन दोनों से ही रिपोर्ट से विस अध्यक्ष संतु्ष्ट नहीं हुए। अब यह मामला विशेषाधिकार समिति को सौंपा गया है।