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चंडीगढ़: कोरोना महामारी में भी पीजीआई की उपलब्धियां जारी, 1700 शोधपत्र प्रकाशित, कई अवॉर्ड भी जीते

Thu, 19 Aug 2021 10:12 AM IST
निवेदिता वर्मा वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़ 

सार

कोरोना काल की पहली लहर के दौरान पीजीआई ने उत्तर भारत में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, लेह और लद्दाख में 50 कोविड मॉलीक्यूलर लैब स्थापित कीं। इससे कोरोना महामारी के बीच मरीजों की रियल टाइम पीसीआर टेस्टिंग कर उन्हें इलाज मुहैया कराने में बड़ी मदद मिली।
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पीजीआई चंडीगढ़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना काल में पूरे देश में विकास की रफ्तार धीमी पड़ गई, लेकिन चंडीगढ़ पीजीआई की उपलब्धियों का क्रम जारी रहा। कोविड के साथ गैर कोविड मरीजों का इलाज करते हुए पीजीआई के शोधार्थियों ने अपने शोध कार्यों को पहले की तरह जारी रखा और 1700 शोधपत्र प्रकाशित किए गए। 

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पीजीआई प्रशासन के मुताबिक, वर्ष 2020 के पहले तक शोधपत्रों की संख्या 1500 से 1600 तक रहती थी, लेकिन कोरोना काल में इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई। खास बात यह है कि इन शोध में करीब 400 पत्र कोरोना से संबंधित हैं। इस शोध कार्य के लिए पीजीआई को विभिन्न अनुसंधान एजेंसियों से 35 करोड़ का अनुदान प्राप्त हुआ है।

उत्तर भारत में 50 कोविड मॉलीक्यूलर लैब की स्थापना

कोरोना काल की पहली लहर के दौरान पीजीआई ने उत्तर भारत में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, लेह और लद्दाख में 50 कोविड मॉलीक्यूलर लैब स्थापित कीं। इससे कोरोना महामारी के बीच मरीजों की रियल टाइम पीसीआर टेस्टिंग कर उन्हें इलाज मुहैया कराने में बड़ी मदद मिली। साथ ही कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने की कोशिश की गई। उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में 16 सरकारी मेडिकल कॉलेज, आठ सरकारी सिविल अस्पताल, 11 निजी मेडिकल कॉलेज, सात डिफेंस लैब और चार स्टेट टेस्टिंग लैब खोली गईं।

उपकरणों की गुणवत्ता भी जांचने लगे खुद
कोविड के दौरान पीजीआई ने बायोमेडिकल इंस्ट्रूमेंट्स एंड डिवाइसेज हब कैलिब्रेशन टेस्टिंग लैब की स्थापना भी की। इस लैब की मदद से पीजीआई चिकित्सकीय उपकरणों को सुरक्षा प्रदान कर रहा है। नए खरीदे गए उपकरणों को इस लैब में जांच के बाद ही पीजीआई स्वीकृति प्रदान कर रहा है। 
 
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कोरोना काल में पीजीआई के नाम रहीं ये उपलब्धियां

  • कोविड काल में 350 बेड के कोविड अस्पताल की स्थापना
  • अब तक देशभर के 7115 कोरोना संक्रमितों का किया इलाज
  • कोविड के दौरान 37 अंग प्रत्यारोपण। इनमें एक हृदय प्रत्यारोपण भी शामिल है
  • अंगदान के लिए पीजीआई रोटो को लगातार चौथी बार मिला सर्वश्रेष्ठ अवार्ड  
  • पीजीआई ने देश के 118 संस्थानों को पीछे छोड़ लगातार तीसरी बार नेशनल इंडियन रैंकिंग फ्रेमवर्क में दूसरा स्थान हासिल किया

कोविड के दौरान सरकार ने पीजीआई को कोविड अस्पताल की स्थापना का महत्वपूर्ण कार्य सौंपा था, जिसे पीजीआई ने अपनी टीम की बदौलत सफलतापूर्वक स्थापित कर मरीजों का इलाज किया। कोविड काल में 1700 शोध प्रकाशित होने व अन्य उपलब्धियां हासिल करने में भी टीम की दृढ़ इच्छाशक्ति मददगार साबित हुई है। मजबूत टीम की बदौलत ही पीजीआई लगातार नई ऊंचाईयों को छू रहा है। -प्रो. जगतराम, निदेशक, पीजीआई

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