चंडीगढ़। टीकाकरण में शानदार प्रदर्शन करने के बाद चंडीगढ़ ने ऑक्सीजन आपूर्ति और उससे जुड़ी तकनीक में भी देशभर में अपना लोहा मनवाया है। ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट और उसकी आपूर्ति से जुड़े विभिन्न मानकों पर सिटी ब्यूटीफुल ने उम्मीद से कई गुना ज्यादा अंक हासिल किया है। इसकी बदौलत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चंडीगढ़ को देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सर्वोत्तम घोषित किया है। बाकी राज्य इस मामले में खरे नहीं उतरे हैं।
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह ने सोमवार को जीएमएसएच-16 के उपचिकित्सा अधीक्षक डॉ. परमजीत सिंह और ऑक्सीजन के नोडल अधिकारी डॉ. मंजीत सिंह के साथ अस्पताल के पीएसए ऑक्सीजन संयंत्रों और ऑक्सीजन मैनिफोल्ड का दौरा किया। इस दौरान पीएसए ऑक्सीजन संयंत्र के सभी पैरामीटर (दबाव, प्रवाह दर और शुद्धता) मानक के अनुरूप पाए गए। उन्होंने पीएसए संयंत्र के कर्मचारियों को नियमित रूप से पैरामीटर की निगरानी करने के साथ ही सभी ऑक्सीजन सुविधाओं में स्वच्छता और पर्याप्त अग्निशमन उपकरण की व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया।
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सभी पायदानों में अव्वल
डॉ. सुमन ने बताया कि केंद्र के निर्देशानुसार स्वास्थ्य सचिव के नेतृत्व में विशेषज्ञों की एक टीम ने चिकित्सा ऑक्सीजन की बर्बादी रोकने के उपाय संबंधी प्रशिक्षण सभी निजी अस्पतालों को भी दे दिया है। ऑक्सीजन के उचित प्रबंधन में भी चंडीगढ़ सर्वोत्तम स्थान पर है। इसलिए ऑक्सीजन की उपलब्धता और मांग में वृद्धि जैसे बिंदुओं पर शहर के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों पूरी तरह तैयार है।
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रियल टाइम अपडेशन में अव्वल
उन्होंने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री पीएसए संयंत्रों में स्थापित आईओटी उपकरणों द्वारा साझा किए जा रहे रीयल-टाइम डेटा के माध्यम से देशभर में पीएसए संयंत्रों की ऑनलाइन निगरानी कर रहे हैं। उसमें मॉकड्रिल रिपोर्ट, पीएसए संयंत्र प्रशिक्षण, ओडीएएस पोर्टल, ऑक्सीकेयर और एनडीएमए पोर्टल के अपडेशन में 100 प्रतिशत से ज्यादा परिणाम दिया है। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों पहले मंत्रालय के विशेषज्ञों की टीम ने शहर के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की व्यवस्था जांची। टीम ने सभी सुविधाओं की व्यापक जांच की और हमारी ऑक्सीजन प्रबंधन प्रणाली को देश में सही और सर्वश्रेष्ठ पाया। मौजूदा समय में चंडीगढ़ अपने ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांटों से 5200 लीटर पर मिनट ऑक्सीजन उत्पादन कर रहा है।
इनसेट
तकनीकी मानकों पर चंडीगढ़ का परिणाम यूं है
- पीएसए मॉकड्रिल- 100 प्रतिशत
- पीएसए संयंत्र प्रशिक्षण (1.10 घंटे का प्रशिक्षण) - 105 प्रतिशत
- 180 घंटे का प्रशिक्षण - 128 प्रतिशत
- ओडीएएस पोर्टल का प्रयोग- 100 प्रतिशत
- ऑक्सीकेयर पोर्टल अपडेट - 100 प्रतिशत
- एनडीएमए पोर्टल अपडेट - 100 प्रतिशत