चंडीगढ़। ठेकेदारों के बदलने के बाद भी अब कर्मचारियों को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा। निकाले गए कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर रखा जाएगा। जन स्वास्थ्य विंग के अधीक्षण अभियंता के साथ कोऑर्डिनेशन कमेटी की प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में यह फैसला हुआ। बैठक की अध्यक्षता अधीक्षण अभियंता राजेश कुमार बंसल ने की। इस मौके पर एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ललित वधवा, संजय सहनी, साहिल शर्मा के अलावा अधीक्षक सतीश कुमार व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में यह हुए फैसले
कोऑर्डिनेशन कमेटी के महासचिव राकेश कुुमार ने बताया कि प्रशासन के निर्देशों के अनुसार ठेका बदलने पर किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला जाएगा। नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर रखा जाएगा। ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों हर महीने की 10 तारीख से पहले वेतन दिया जाएगा। जेम पोर्टल के एग्रीमेंट के अनुसार यदि कर्मचारियों को 15 छुट्टी ठेकेदार नहीं देता तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राजेश कुमार बंसल ने बैठक में आश्वासन दिया कि टेक्नीशियनों की जल्द हायर ग्रेड में 18 सितंबर 1998 के अधिसूचना के आधार पर प्लेसमेंट की जाएगी। इसके साथ ही लंबित एरियर अप्रैल माह तक दे दिया जाएगा।
बैठक में यह भी फैसला हुआ कि ठेका बदलने के समय यदि ठेकेदार पैसे मांगता है तो उसके खिलाफ की गई शिकायत पर एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बिना देरी के ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। खाली पड़े पदों को भरने के लिए 31 मार्च तक प्रक्रिया पूरा किया जाएगा। ट्यूबवेल पर बैठने के लिए कुर्सियों का प्रबंध होगा। बैठक में कोऑर्डिनेशन कमेटी की ओर से महासचिव राकेश कुमार, यूनाइटेड फ्रंट पब्लिक हेल्थ इंप्लाइज यूनियन के महासचिव चरणजीत सिंह, चेयरमैन रघबीर सिंह, जेई सुखदेव सिंह और सीता राम शामिल हुए।