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यूटी सचिवालय का हाल, यहां आईएएस अफसर उठते-बैठते हैं, पांच साल से जमा है कबाड़

Thu, 22 Oct 2020 06:27 PM IST
ajay kumar रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सचिवालय में लगा कबाड़ का ढेर। - फोटो : अमर उजाला
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यूटी सचिवालय में पुलिस शिकायत प्राधिकरण कार्यालय के सामने बीते करीब पांच वर्षों से खुले में फर्नीचर और खराब कंप्यूटर पड़े हैं। अमर उजाला ने जब मौके का मुआयना किया तो पाया कि सामानों के इस ढेर की वजह से यहां काफी गंदगी हो गई है। हैरानी की बात यह है कि यूटी सचिवालय शहर का सबसे सुरक्षित भवन है और लगभग सभी आईएएस अधिकारी यहीं बैठते हैं लेकिन यहां पर शराब की बोतलें भी मिल रही हैं। इसको लेकर कर्मचारी भी हैरत में है कि यहां शराब की बोतलें कहां से आईं।

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पुलिस शिकायत प्राधिकरण का कार्यालय यूटी सचिवालय में कैंटीन के पास है। इस एरिया में चंडीगढ़ प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग की दो डिविजन और इंजीनियर विभाग की ड्राइंग ब्रांच भी है। कई कर्मचारी यहां काम करते हैं। रोजाना कई कर्मचारी यहां से गुजरते हैं लेकिन आजतक सामानों को यहां से हटाया नहीं गया है।

इस ढेर में कुर्सियां, टेबल, डेस्क, कंप्यूटर व अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण फेंके हुए हैं। यह सरकारी पैसों की सरेआम बर्बादी है। शराब की बोतल यहां कैसे आई, इस सवाल का भी किसी के पास जवाब नहीं है। एसी के पानी के गिरने की वजह से यहां पानी भी जमा हो गया है। इससे कि कर्मचारियों को डेंगू और मलेरिया का खतरा सता रहा है। यह भी हैरत की बात है कि प्रशासक वीपी सिंह बदनौर वॉर रूम की बैठक में अक्सर शहर के विभिन्न हिस्सों में फॉगिंग का सुझाव देते हैं, ताकि लोग डेंगू, मलेरिया व अन्य बीमारियों से दूर रह सकें लेकिन यूटी सचिवालय में ही कर्मचारियों को इसका खतरा सता रहा है।

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यूटी सचिवालय में प्रेस रूम के सामने भी खुले में सड़ रहा हेरिटेज फर्नीचर

ली कार्बूजिए और पियरे जेनरे द्वारा निर्मित हेरिटेज फर्नीचर ने चंडीगढ़ को दुनिया भर में नई पहचान दी है लेकिन अपने ही घर में करोड़ों रुपये के हेरिटेज फर्नीचर की कद्र करने वाला कोई नहीं है। यूटी सचिवालय में प्रशासक के सलाहकार समेत तमाम अधिकारी बैठते हैं लेकिन प्रेस रूम के सामने खुले में पड़े हेरिटेज फर्नीचर की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। अगर इधर नजर दौड़ाई गई होती तो शहर के इस धरोहर की ऐसी हालत नहीं होती। 

जानकारी के अनुसार करोड़ों रुपये का यह हेरिटेज फर्नीचर यहां कई महीनों से फेंके हुए हैं। बीते साल शहर की हेरिटेज कमेटी ने दौरा किया था और पाया कि खुले में कबाड़ की तरह पड़ा यह फर्नीचर हेरिटेज है। इसे तुरंत बचाने की जरूरत है। हेरिटेज कमेटी ने प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वह इनको बचाने के लिए एक शेड का निर्माण करें। यदि यह नहीं कर सकते तो तत्काल तिरपाल ही डाला जाए ताकि बारिश और धूप में खराब होने से इन हेरिटेज फर्नीचर को बचाया जा सके। हेरिटेज कमेटी के निर्देश के बावजूद प्रशासन ने हेरिटेज फर्नीचर को बचाने के लिए कुछ नहीं किया। अनदेखी के कारण काफी कुर्सियां और स्टडी टेबल खराब हो चुकी हैं। इस मामले में चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों की लापरवाही पर कोई जवाब तलब करने वाला नहीं है।
यहां के मलबे को हटाना चाहिए क्योंकि गंदगी और पानी जमा होने की वजह से कई बीमारियां हो सकती हैं। गर्मियों में एसी का पानी गिरता है, जिसकी वजह से मच्छर हो जाते हैं। सामान के लिए स्टोर होना चाहिए, वहां यह रखा जाना चाहिए।  - बलविंदर सिंह, प्रेसिडेंट, चंडीगढ़ सबॉर्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन (यूटी)
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