प्रशासन खुद तो सिटीजन चार्टर बनाकर लागू नहीं कर पाया है, जबकि नगर निगम की ओर से पास किए गए संशोधित चार्टर को भी मंजूरी देने में देरी की जा रही है। जबकि निगम अधिकारियों ने दावा किया था कि अप्रैल के पहले हफ्ते में इसे लागू कर दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार प्रशासक की मंजूरी के बाद इसे वापस निगम में भेजा जाएगा। शहर में पहली बार ऐसा होगा जब सिटीजन चार्टर लागू होगा। शहरवासी लंबे समय से इसका इंतजार कर रहे हैं। निगम ने 1 अप्रैल को ही चार्टर को प्रशासन के स्थानीय सचिव के पास मंजूरी के लिए भेज दिया था।
अब और देर नहीं होनी चाहिए
सीएचबी रेजिडेंट्स फेडरेशन के प्रवक्ता रजत मल्होत्रा का कहना है कि अब देरी नहीं होनी चाहिए। लोग लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। मल्होत्रा का कहना है कि अब प्रशासन को अपने ही विभागों में हर काम की समय सीमा तय करके अपना चार्टर बनाना चाहिए।
स्टाफ की कमी पूरी करे प्रशासन
इंटक उपाध्यक्ष हरजिंदर सिंह का कहना है कि कर्मचारी काम करने में परहेज नहीं करते हैं लेकिन जो स्टाफ की कमी है उसे भी प्रशासन को पूरा करना चाहिए।
नगर निगम पूरी तरह तैयार
कमिश्नर बी पुरुषार्था का कहना है कि पास सिटीजन चार्टर मंजूरी के लिए प्रशासन को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। नगर निगम पूरी तरह से तैयार है।
अगले हफ्ते मिल सकती है मंजूरी
मेयर अरुण सूद का कहना है कि सिटीजन चार्टर की मंजूरी किस स्तर पर प्रशासन के पास रुकी हुई है। इसके लिए वह सलाहकार से सोमवार को बात करेंगे। उनका कहना है कि उम्मीद है कि अगले सप्ताह तक मंजूरी मिल जाए।
समय पर काम न करने पर जुर्माने का प्रावधान
नए चार्टर के अनुसार अगर जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारी शिकायत दर्ज करने के बावजूद समय सीमा के भीतर काम नहीं करेगा तो उस पर प्रतिदिन के हिसाब से 10 से लेकर अधिकतम एक हजार रुपये तक जुर्माना लगाने का प्रावधान रखा गया है। कमिश्नर के अनुसार जिस स्तर पर काम की फाइल रुकेगी, उसके खिलाफ ही कार्रवाई की जाएगी।
यहां दर्ज कराएं शिकायत
नगर निगम ने समस्याएं बताने के लिए मैनुअल के साथ ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की भी सुविधा दी है। नगर निगम के अनुसार 155304 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने के अलावा नगर निगम की वेबसाइट पर भी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इसके अलावा नगर निगम में शिकायत निवारण केंद्र भी बना दिया गया है।