घर या इमारत का निर्माण करने से निकलने वाला मलबा अब बेकार नहीं जाएगा, बल्कि उसके सही प्रयोग के लिए एक योजना बनाई गई है। यह अनोखी योजना चंडीगढ़ नगर निगम ने तैयार की है। दरअसल, मलबे को विकास कार्यों में प्रयोग किया जाएगा। इससे पीसीसी टाइल्स और पेवर ब्लाक का निर्माण किया जाएगा। नगर निगम ने शहर के मलबे को प्रोसेस करने के लिए एक विशेष प्लांट लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए नगर निगम ने एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट निकाला है।
इच्छुक कंपनियां प्लांट लगाने के लिए आवेदन कर सकती है। नगर निगम के इंजीनियरिंग विंग के अनुसार मलबे को प्रोसेस करने के बाद जो माल बनता है उसका प्रयोग सड़कों की कारपेटिंग में भी किया जा सकता है। इसके अलावा ईंटों के निर्माण में भी इसका प्रयोग एक सामग्री के तौर पर किया जा सकता है। मालूम हो कि इस समय शहर में निकलने वाले मलबे से पूर शहर परेशान है।
लोग घरों के निर्माण और रेनावेशन से निकलने वाले मलबे को शहर में कहीं पर भी फेंक देते हैं जबकि नगर निगम ने मलबा गिराने के लिए साइट्स भी तय की है। इसके साथ ही दो साल पहले यह भी तय किया था कि मलबा उठाने के लिए एक टोल फ्री नंबर और अलग से वाहन तय किया जाएगा जिसका कारण सिर्फ मलबा उठाने का ही होगा। लेकिन यह सभी योजनाएं अधिकारी लागू ही नहीं कर पाए। इस समय नगर निगम के पास मलबे से निपटने के लिए शहर में कोई व्यवस्था नहीं है।