नगर निगम की बुधवार को हुई मासिक बैठक राजनीति और हंगामे की भेंट चढ़ गई। एक तरफ कांग्रेस के दो पार्षद चीफ इंजीनियर के कमरे के बाहर धरना दे रहे थे और मेयर समेत सभी अफसर उनका मसला सुलझाने में लगे हुए थे। दूसरी तरफ भाजपा पार्षदों ने कुछ मनोनीत पार्षदों के सहयोग से सीनियर डिप्टी मेयर हीरा नेगी को मेयर की कुर्सी पर बैठाकर बैठक शुरू करवा दी।
इस तरह बिना मेयर, कमिश्नर और सेक्रेटरी के हाउस चला। बैठक में कोई कांग्रेसी पार्षद भी नहीं शामिल हुआ। भाजपा के इस तरह हाउस चलाने की कांग्रेसी पार्षदों ने निंदा की है। मेयर हरफूलचंद्र कल्याण ने बैठक को अवैध करार दिया। वीरवार दोपहर को बैठक फिर से बुलाई है।
सेक्शन 59 का दिया हवाला
भाजपा पार्षद सतिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब म्यूनिसिपल कारपोरेशन एक्ट के सेक्शन 59 के मुताबिक मेयर की अनुपस्थिति में सीनियर डिप्टी मेयर को कुर्सी पर बैठाकर हाउस चलाया जा सकता है। वहीं, सेक्शन 58 में एक तिहाई कोरम की बात कही गई है। उस समय हाउस में एक तिहाई से ज्यादा पार्षद मौजूद थे।
भाटिया के खिलाफ शिकायत
भाजपा और मनोनीत पार्षदों ने साइन कर एडिशनल कमिश्नर सुनील भाटिया के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रस्ताव दिया है। सुनील भाटिया बैठक स्थगित करने का ऐलान करने हाउस में आए।
पार्षदों का आरोप था कि भाटिया का व्यवहार सही नहीं था और वह बैठक स्थगित करने के लिए अधिकृत भी नहीं हैं। हालांकि, मेयर का कहना है कि उन्हीं ने भाटिया को इसका अधिकार दिया था।