2016 में भाजपा ने चंडीगढ़ में सत्ता में आने से पहले घोषणा पत्र जारी किया था। इसमें भाजपा की ओर से 25 वादे किए गए थे। इसमें से 8 वादे तो भाजपा ने पूरे किए वहीं, 9 आज भी अधर में हैं। इसके अलावा पांच वादे महज कागजों तक सीमित हैं। दो वादे ऐसे रहे, जिसमें शहर की हालत और खराब हो गई। इसमें शहर की सड़कें और गांव में विकास कार्य शामिल हैं। हालांकि अब भाजपा की ओर से गांवों में विकास कार्य शुरू हो गया है, लेकिन इसे शुरू कराने के लिए फंड स्वीकृत कराने में भाजपा को ढाई साल का समय लग गया।
घोषणा- सभी सड़कों पर रोशनी का उचित प्रबंध करवाना
हकीकत- शहर की सड़कों पर एलईडी लाइट लगवा दी गई हैं। इसके लिए बेहतर एनर्जी सेविंग का चंडीगढ़ को पुरस्कार भी मिला है। हालांकि अब भी कुछ सड़कों पर रात के समय अंधेरा रहता है। साइकिल ट्रैक पर भी लाइटें लगाने का काम शुरू किया है। इसके लिए केंद्र से तारीफ भी मिली है।
घोषणा- सेक्टर-34 में आयुष अस्पताल की स्थापना
हकीकत- आयुष अस्पताल को बनवाने में जनप्रतिनिधियों को पांच साल का समय लग गया। अब अस्पताल तो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन लोगों के लिए नहीं खोला गया है।
दावा- बन गया है जल्द खुल भी जाएगा।
घोषणा- नए सेक्टरों में सामुदायिक केंद्रों का निर्माण
हकीकत- भाजपा का दावा है कि 10 नए सामुदायिक केंद्र बने हैं जबकि हकीकत में 7 प्रशासन को और 2 निगम को बनाने थे। अभी तक एक सेक्टर 56 और एक मौलीजागरां में सामुदायिक केंद्र बने हैं। शेष अभी अर्धनिर्मित स्थिति में हैं। हालांकि कुछ केंद्रों की मरम्मत करवाकर बेहतर बनाया है।
दावा- भाजपा ने अपने कार्यकाल में 12 आधुनिक सामुदायिक केंद्र बनाए।
घोषणा- मार्केट में सुविधाएं उपलब्ध करवाना
हकीकत- घोषणा पत्र में भाजपा ने कहा था कि ट्रेडर्स को बेहतर सुविधाओं के साथ उचित पार्किंग, सौंदर्यीकरण, मूलभूत सुविधाएं और उनके हितों के अनुरूप सुविधा दी जाएगी। इसमें व्यापारियों का मिलाजुला मत है। हालांकि सेक्टर-17 में सौंदर्यीकरण का काम तेजी से हो रहा है। वहीं मार्केटों में टॉयलेट को भी बेहतर किया जा रहा है।
दावा- हर मार्केट में आधुनिक टॉयलेट बने, प्लाजा को भी एक रंग में लाया जा रहा।
घोषणा- शहर में छह नए स्कूल बनाना
हकीकत- भाजपा ने घोषणा पत्र में मलोया, मौलीजागरां, रायपुरकलां, इंडस्ट्रियल एरिया फेज- 3 व पीजीआई में 6 नए स्कूलों का निर्माण का वादा किया था। मलोया और रायपुरकलां में तो स्कूल बन गया, पीजीआई का स्कूल किसी तरह इस साल शुरू हुआ है। वहीं इंडस्ट्रियल एरिया फेज- 3 और मौलीजागरां में कोई स्कूल ही नहीं बना।
दावा- इंडस्ट्रियल एरिया फेज- 3 का स्कूल छोड़कर सभी जगह बन गए।
घोषणा- सड़कों व गलियों में जानकारी सूचक बोर्ड लगवाना
हकीकत- पार्षदों ने वार्ड फंड से अपने-अपने वार्डों में साइन बोर्ड लगाने का प्रस्ताव सदन में पास किया। उसके बाद पार्षदों के वार्ड फंड से रुपये भी कट गए, लेकिन बोर्ड का डिजाइन फाइनल होने में ही पांच साल लग गए। अब कुछ सेक्टर में बोर्ड लगे हैं।
दावा- डिजाइन फाइनल होने में देरी हुई। अब लगने लगे हैं।
घोषणा- बिजली के तारों को भूमिगत करवाना
हकीकत- पांच साल पहले किया गया वादा वर्ष 2019 में चंडीगढ़ में शुरू हुआ। यह भी कुछ सेक्टरों के लिए ही शुरू हुआ है। आज भी सेक्टर-17 सहित कई प्रमुख मार्केटों में लटकते तार उनकी सुंदरता को खराब कर रहे हैं।
दावा- पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा, अब पूरे शहर में कराएंगे।
घोषणा- विभिन्न स्थानों पर बस शेल्टर का निर्माण करवाना
हकीकत- बस शेल्टर बनाने का काम अधूरा है। कई जगह तो बस स्टॉप की जगह मात्र चबूतरा है तो कहीं शेल्टर जर्जर हालत में हैं। कई जगह लोगों का कब्जा बना हुआ है। ऐसे में लोगों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
दावा- व्यवस्थाओं को पहले से भी बेहतर किया।
घोषणा- सेक्टर-22 व 45 व मनीमाजरा में सस्ती दवाओं के लिए जन औषधि केंद्रों की स्थापना
हकीकत- तीनों स्थान पर जन औषधि केंद्र नहीं बने हैं। जीएमसीएच-32 और जीएमएचएच-16 के जन औषधि केंद्र दो साल से बंद हैं। वहीं पीजीआई के दोनों केंद्र चालू हैं।
दावा- सेक्टर 22, 45 और मनीमाजरा की डिस्पेंसरी को अपग्रेड कर सिविल अस्पताल तो बनाया गया। शहर में कई जगह औषधि केंद्र बने हैं।
घोषणा- रिहायशी संपत्ति को लीज होल्ड से फ्री होल्ड करेंगे
हकीकत- व्यापारी से लेकर क्षेत्रीय लोगों ने अपनी संपत्ति लीज होल्ड से फ्री होल्ड करने के लिए जोर लगा दिया। केंद्र तक पत्र लिखे गए, लेकिन लोगों को आज तक राहत नहीं मिल सकी है। भाजपा का दावा है यह काम 2017 में हो गया, जबकि हाउसिंग बोर्ड के कागजों में अभी भी 60 हजार लोगों ने अतिक्रमण किया है।
दावा- आज हर व्यक्ति की संपत्ति हाथों हाथ स्थानांतरित होती रहती है।
घोषणा- सस्ती दरों पर सीएचबी से भूमि उपलब्ध करवाना
हकीकत- भाजपा ने वादा किया था कि सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों, सांस्कृतिक, सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के लिए सीएचबी से सस्ते रिहायशी घरों के निर्माण के लिए सरकारी जमीन आवंटित करवाई जाएगी, लेकिन यह संभव नहीं हो सका।
घोषणा- बेहतर परिवहन के लिए स्मार्ट सार्वजनिक परिवहन को लागू करवाना
हकीकत- भाजपा ने वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव में शहर में मोनो रेल चलाने का मुद्दा उठाया था। उसके बाद वर्ष 2016 निगम चुनाव और वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव में फिर इस मुद्दे ने जोर पकड़ा, लेकिन आज तक सार्वजनिक परिवहन जोर नहीं पकड़ सका।
घोषणा- शहर में 50 स्थानों पर प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा योग प्रशिक्षण कक्षाओं का आयोजन
हकीकत- भाजपा ने लोगों को स्वस्थ्य रखने के उद्देश्य से यह वादे तो कर दिए, लेकिन यह वादा कागजों तक ही सीमित रह गया। महिला भवन में चलने वाली योजना भी कागजों तक ही सीमित रह गई।
घोषणा- फिल्म सिटी का निर्माण
हकीकत- शहर में बढ़ती शूटिंग लोकेशन के कारण भाजपा ने एक फिल्म सिटी बनाने का भी वादा किया था, लेकिन पांच साल बीतने के बाद फिल्म सिटी धरातल पर नहीं आ सकी जबकि कोरोना काल में भी यहां काफी फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है।
घोषणा- शहर में उद्योग को बढ़ाने के लिए ईको ग्रीन उद्योगों को स्थापित करवाना
हकीकत- भाजपा ने शहर के पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ईको ग्रीन उद्योग स्थापित करने का वादा किया था, लेकिन यह संभव नहीं हो सका। इसके लेकर कांग्रेस ने कई बार मुद्दा भी उठाया।
घोषणा- अनुसूचित एवं जनजाति प्रमाणपत्र बनवाने की सुविधा आसान करना
हकीकत- प्रमाणपत्र के लिए दो ए ग्रेड के ऑफिसर से हस्ताक्षर करवाना होता है। अभी तक इस व्यवस्था में कोई राहत नहीं मिली है। हालांकि भाजपा का दावा है कि जल्द इसमें पार्षदों के हस्ताक्षर करवाने का विकल्प जोड़ा जाएगा।
घोषणा- शहर की सड़कों का सौंदर्यीकरण व नवीनीकरण करवाना
हकीकत- शहर के लोगों का आरोप है कि सड़कों का जो हाल भाजपा कार्यकाल में हुआ है, वह कभी नहीं हुआ। एक साल पहले तो सड़कों की मरम्मत के लिए निगम के पास फंड तक नहीं था। लोगों का गुस्सा फूटने के बाद प्रशासन के साथ मिलकर निगम ने किसी तरह सड़कों की मरम्मत कराई।
घोषणा- ग्रामीणों को रिहायशी आवास प्रदान करना
हकीकत- जब गांव निगम में शामिल नहीं थे, तब भाजपा ने कहा था कि ग्रामीणों के लिए प्रवासी पुनर्वास योजना को मंजूर करवाकर उनको रिहायशी आवास प्रदान करवाया जाएगा। उसके बाद 13 गांव निगम में शामिल हो गए। आवास छोड़िए ढाई साल में गांव की हालत बद से बदतर हो गई। अब जाकर गांव में विकास कार्य शुरू हुए हैं।
घोषणा- सभी गांवों में मॉडर्न मॉडल के अंतर्गत सुविधाएं उपलब्ध करवाना
हकीकत- वर्ष 2016 में जब घोषणा हुई तक तक गांव में सरपंच व्यवस्था थी। उसके बाद निगम में शामिल होने के बाद ग्रामीणों की न कोई बात सुनने वाला था और न सदन में उनकी बात रखने वाला था। मॉडल बनाने का दावा करने वाले जनप्रतिनिधियों को विकास कार्य का फंड स्वीकृत करवाने में भी ढाई साल लग गया।
हमने 95 फीसदी काम पूरे किए
विज्ञापन
कुछ कार्य छोड़ दिए जाएं तो भाजपा ने अपने वादों को पूरा किया है। पॉलिसी बनाकर रिहायशी संपत्ति को लीज होल्ड से फ्री होल्ड कराया। लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत ग्रामीण लोगों के लिए आउंटस्टीस पुनर्वास योजना के अंतर्गत रिहायसी आवास उपलब्ध कराया जाएगा। कुछ सामुदायिक केंद्र बनकर तैयार, अब हर गांव व सेक्टर में केंद्र बनेगा। डिस्पेंसरी को अपग्रेड किया है। 11 नए स्कूल खोले और पांच निर्माणाधीन हैं। अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र के लिए आने वाली समस्याओं को जल्द दूर किया जाएगा। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तहत साइकिलें भी चलाई हैं। हमने शहर में 12 प्रतिशत ग्रीनरी को बढ़ाई है। स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाए हैं। अपने वादों में से 95 प्रतिशत काम हमने पूरे किए हैं। - अरुण सूद, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष