मेयर हरफूलचंद्र कल्याण ने केवल इस बात पर तीज फेस्टिवल जैसे बड़े कार्यक्रम को स्थगित कर दिया कि उनके पास किरण खेर का कांटेक्ट नंबर व एड्रेस नहीं था। जबकि नगर निगम की अपनी डायरी में किरण खेर का मोबाइल नंबर लिखा हुआ है।
नगर निगम की वेबसाइट पर तो उनके घर का पता भी दिया गया है। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि ये सिर्फ बहाना था और मेयर और कांग्रेस पार्षद उन्हें बुलाना ही नहीं चाहते थे।
शुक्रवार को यूथ इनोवेटिव सोसायटी के चेयरमैन सचिन शर्मा ने मेयर को ई-मेल भेजी और कहा कि मेयर साहब, एमसी की डायरी उठाते तो किरण खेर का नंबर मिल जाता।
दरअसल कांग्रेस-भाजपा पार्षदों की एक मामूली सी बहस ने शहर में तीज फेस्टिवल नहीं होने दिया। इससे पहले 26 जून को निगम सदन की बैठक भी दोनों पार्षदों की मामूली बहस के कारण दो घंटे चलाकर रद्द करनी पड़ी थी।
मेयर की पत्नी को बनाना था चीफ गेस्ट
दरअसल कांग्रेस पार्षद मेयर हरफूलचंद्र कल्याण की पत्नी को चीफ गेस्ट के तौर पर बुलाना चाहते थे। कांग्रेस पार्षद गुरबख्श रावत ने कहा कि भाजपा पार्षद माहौल को बिगाड़ रहे हैं। उनकी कमेटी ने तो फैसला किया था कि मेयर की पत्नी को चीफ गेस्ट और बाकी सभी लेडी काउंसिलरों को गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप बुलाया जाए।
अगर दोनों ही पार्टियां राजनीति से ऊपर उठकर सोचें तो शहर में ऐसे काम रुके ही न। मेयर अगर अपनी जिद छोड़ देते तो तीज फेस्टिवल का कार्यक्रम रोकना न पड़ता। इससे नुकसान तो जनता का ही हुआ है। इसे मेयर का सबसे बड़ा फेलियर कहा जाएगा।
- सचिन शर्मा, चेयरमैन, यूथ इनोवेटिव सोसायटी