आरोप लगाया कि जब बैलेट पेपर फटा हुआ था तो उसे आप के पार्षद को क्यों दिया गया। हंगामा बढ़ा और सभी मेयर की तरफ भागे। आप और भाजपा के पार्षदों में धक्का मुक्की हुई। नवनिर्वाचित मेयर को बोलने नहीं दिया गया। माइक से तार निकाल दी गई। गुस्साए आप के पार्षद मेयर के साथ वाली कुर्सी पर बैठ गए। डीसी विनय प्रताप सिंह को भी पार्षदों ने रोक लिया और दोबारा मतगणना की मांग की। हालांकि, उनकी मांग नहीं मानी गई और सदन के अंदर पुलिस बुलाई गई। पुलिस ने पार्षदों को खींचकर मेयर की कुर्सी के पास से हटाया।
सीनियर डिप्टी मेयर के चुनाव में आप के एक पार्षद ने भाजपा को दिया वोट
मेयर की घोषणा के एक घंटे बाद हंगामा शांत हुआ तो सीनियर डिप्टी मेयर के लिए चुनाव शुरू कराया गया। इसमें भाजपा की तरफ से दिलीप शर्मा और आप की तरफ से प्रेमलता आमने-सामने थीं। आप के एक पार्षद ने क्रॉस वोट किया और भाजपा को वोट दे दिया। इससे भाजपा को 15 और आप को 13 वोट मिले। भाजपा के दिलीप शर्मा सीनियर डिप्टी मेयर बन गए। इसके बाद डिप्टी मेयर का चुनाव हुआ। इसमें भाजपा के अनूप गुप्ता और आप के रामचंद्र यादव को 14-14 वोट मिले। इसके बाद लकी ड्रॉ निकाला गया, जिसमें भाजपा के प्रत्याशी अनूप गुप्ता का नाम निकला और वह डिप्टी मेयर बन गए। जीत के बाद प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने कहा कि लोगों ने विकास के नाम पर पहले भाजपा को नगर निगम चुनाव जिताया और अब सदन में भाजपा का मेयर बना है। उन्होंने कहा कि आप के पार्षद जानबूझ कर हंगामा कर रहे हैं।
किसने किया क्रॉस वोट, आप लगा रही पता
सीनियर डिप्टी मेयर के चुनाव में आम आदमी पार्टी के एक पार्षद ने भाजपा को वोट दे दिया। इसकी वजह से भाजपा पार्षद दिलीप शर्मा दो वोट जीत गए। अगर आप का पार्षद क्रास वोट नहीं करता तो वोट बराबर हो जाते और ड्रा के जरिए पर्ची निकाली जाती। इसमें किसी भी पार्टी का प्रत्याशी जीत सकता था। आप अब पता लगाने में जुटी है कि किस पार्षद ने वोट भाजपा को दिया है।
डीसी के साथ मिलकर भाजपा ने बनाया मेयर
भाजपा वालों ने फिर अपना दोहरा चरित्र दिखा दिया है। चंडीगढ़ की जनता ने आम आदमी पार्टी को 14 सीटें जिताकर निगम में सबसे बड़ी पार्टी बनाकर भेजा था लेकिन डीसी के साथ मिलकर भाजपा ने अपना मेयर बना लिया। यह लोकतंत्र की हत्या है। इसके खिलाफ आम आदमी पार्टी ने नगर निगम दफ्तर के बाहर धरना दिया और ये आगे भी जारी रहेगा। जब तक चंडीगढ़ की जनता को इंसाफ नहीं मिलता धरना जारी रहेगा। - प्रेम गर्ग, प्रदेश संयोजक, आम आदमी पार्टी
आप का चेहरा बेनकाब
आप का एक वोट रद्द हुआ है, उन्हें आपत्ति है तो कोर्ट में जाएं। आज जो सदन में हुआ, वैसा नगर निगम के इतिहास में कभी नहीं हुआ। आप के संयोजक सदन में आए गए जबकि वह इसके सदस्य नहीं हैं। आम आदमी पार्टी को पहले से पता था कि वो हार जाएंगे। हमने किसी से गठजोड़ नहीं किया। आप के पार्षद ने अपने आप बैलेट पेपर पर टिक मार्क लगाया है। यह आप की अंतर्कलह है। आप का चेहरा बेनकाब हो गया है। कांग्रेस और शिअद का चुनाव में शामिल न होना, उनका अपना निर्णय है। - अरुण सूद, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष, चंडीगढ़