यूटी प्रशासन शहर में मतदान के प्रतिशत में बढ़ोतरी करने के लिए प्रयासरत है। चुनाव के दिन को किसी त्योहार के दिन की शक्ल देना चाहता है प्रशासन। लेकिन, चंडीगढ़ में चुनाव की तिथि ऐसी है कि लोग हॉलीडे मूड में आ सकते हैं।
कारण 5 अप्रैल को शनिवार और 6 को रविवार है। 8 अप्रैल को रामनवमी की छुट्टी है और 10 अप्रैल को चुनाव है। ऐसे में अगर 7 और 9 अप्रैल की छुट्टी ले ली जाए तो छह छुट्टियों का मजा लिया जा सकता है।
इसी तरह से 12 और 13 अप्रैल को शनिवार और रविवार है और 14 अप्रैल को डॉ. बीआर अंबेडकर जयंती की छुट्टी है। ऐसे में अगर 11 अप्रैल को छुट्टी ले ली जाए तो पांच दिन की छुट्टियों का मजा लिया जा सकता है।
ऐसे में लोग हॉलीडे मूड में आकर मतदान में बढ़ चढ़ कर हिस्सा न लें, इसके लिए प्रशासन के चुनाव विभाग को काफी प्रयास करने होंगे।
मतदान के लिए मिलेगा निमंत्रण
चुनाव आयोग के निर्देश पर यूटी प्रशासन के चुनाव विभाग की ओर से उन सभी मतदाताओं को मतदान करने के लिए निमंत्रण भेजा जाएगा, जिनका नाम मतदाता सूची में है।
चुनाव आयोग ने सभी मतदाताओं के घर पर वोटर स्लिप भेजने के निर्देश दिए हैं। चंडीगढ़ के गृह सचिव और चीफ इलेक्टोरल अफसर अनिल कुमार ने कहा कि यह वोटर स्लिप सभी मतदाताओं के घर पर पहुंचाई जाएगी और इस स्लिप के जरिए न सिर्फ मतदान के लिए निमंत्रण दिया जाएगा, बल्कि यह पहचान पत्र का काम भी करेगी। मतदान करने के लिए मतदाता पहचान पत्र के साथ-साथ इस स्लिप को भी दिखाया जा सकता है।
8 और 9 मार्च को लगेगा स्पेशल कैंप
चुनाव आयोग की ओर से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सभी मतदान केंद्रों में 9 मार्च को स्पेशल कैंप लगाने के निर्देश दिए है।
इसका उद्देश्य है कि जिन लोगों के वोट अभी तक नहीं बन पाए हैं वे अपना वोट बनवा लें। लेकिन, चंडीगढ़ प्रशासन के चुनाव विभाग ने दो दिन स्पेशल कैंप लगाने का फैसला लिया है। यह स्पेशल कैंप 8 और 9 मार्च को लगेगा।
इस दौरान सभी मतदान केंद्रों पर ब्लॉक लेवल अफसर और एईआरओ मौजूद रहेंगे। उपायुक्त मोहम्मद शाईन ने बताया कि संबंधित मतदान केंद्र पर मतदाता सूची चिपका की जाएगी, ताकि मतदाता लिस्ट में अपना नाम देख सकें। अगर, किसी का नाम नहीं है तो वह फार्म भरकर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवा सकता है।
साथ ही किसी तरह की गलती भी ठीक करवा सकता है। उन्होंने कहा कि नामांकन का अंतिम दिन 22 मार्च है। ऐसे में 22 मार्च तक मतदाता सूची में लोग अपना नाम शामिल करवा सकते हैं।
अब की बार चुनाव प्रचार ठेके पर
इस बार लोकसभा चुनाव में पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए प्रचार का झंझट खत्म हो गया है। इवेंट एजेंसियां चुनाव प्रचार का बीड़ा उठाएंगी। चाहे रैली के लिए पब्लिक एकत्र करनी हो या फिर प्रचार के लिए फिल्म स्टार, सब रेडीमेड मिलेगा। बस इसके लिए संबंधित एजेंसियों को उनकी फीस चुकानी होगी।
चंडीगढ़ में बड़े नेताओं की रैली के दौरान प्रचार-प्रसार के लिए पब्लिक की डिमांड हो या फिर इवेंट को मैनेज करना, सारी जिम्मेदारी अब इवेंट कंपनियां उठाएंगी। चुनाव प्रचार के लिए स्टार्स को भी यही एजेंसियां लाएंगी।
आरट्री के प्रोपराइटर रनबीर सिंह ने बताया कि राजनीतिक दलों द्वारा किया जाने वाले चुनाव प्रचार थोड़ा अलग होता है। इसमें जैसी आवश्यकता होगी वैसे ही काम किया जाएगा। वहीं टोटल सोल्यूशन के अखविंदर सिंह ने कहा कि चुनाव प्रचार भी इवेंट का पार्ट होता है और इसी तरह से इसको देखा जाएगा।
बढ़ जाएगी प्रचारकों की दिहाड़ी
रैली के लिए अब की बार दिहाड़ी ज्यादा होने की पूरी संभावना है। पिछली बार तीन सौ रुपये दिहाड़ी थी, जबकि इस बार दिहाड़ी के पांच सौ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। दिहाड़ी करने वालों की मानें तो अब पहले के मुकाबले महंगाई बढ़ गई है तो दिहाड़ी में भी फर्क आ गया है।
नेताजी की करेंगे काउंसलिंग
चंडीगढ़ में प्रचार करने वाली कंपनियों के एक्सपर्ट नेताजी की डिमांड पर उनकी काउंसलिंग करेंगी। इसमें नेताजी को बताया जाएगा कि रैली के दौरान कैसे भाषण देना है और उनका भाषण कैसे ज्यादा प्रभावी हो सकेगा। इसके अतिरिक्त नेताजी की ड्रेस, उनकी डेली ब्रीफिंग की जिम्मेदारी भी प्रचार कंपनियां ही उठाएंगी।
प्रचार के लिए समय कम, नेताजी का छूटेगा पसीना
लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 10 दिन बाद शुरू हो जाएगी। लेकिन, अभी तक कांग्रेस और भाजपा ने अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किए है। ऐसे में अब राजनीतिक दलों को कम समय में काफी मेहनत करनी होगी।
चुनाव की अधिसूचना 15 मार्च को होगी और अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। ऐसे में उम्मीदवार अपनी सुविधा के अनुसार 15 से 22 मार्च के बीच कभी भी नामांकन दाखिल करा सकेंगे।
8 को भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवार
उम्मीद की जा रही है कि 8 मार्च को कांग्रेस और भाजपा अपने उम्मीदवार घोषित कर देगी। उम्मीदवारों के नाम की घोषणा के साथ ही शहर में चुनाव की तस्वीर साफ हो जाएगी।
अगर 8 मार्च को भाजपा और कांग्रेस उम्मीदवारों के नाम घोषित कर देती है तो इन उम्मीदवारों के पास चुनाव प्रचार करने के लिए ज्यादा दिन नहीं बचेंगे।
17 मार्च को होली के कारण भी दो तीन दिन शहर में फेस्टिव मूड रहेगा। इससे पहले चंडीगढ़ में हुए लोकसभा चुनावों में उम्मीदवारों को प्रचार के लिए काफी समय मिलता रहा है।
चार हजार कर्मचारियों की लगेगी ड्यूटी
यूटी प्रशासन की ओर से आगामी लोकसभा चुनाव के लिए चार हजार से अधिक कर्मचारियों की चुनाव में ड्यूटी लगाई जाएगी। चुनाव विभाग के पास अभी से कई कर्मचारियों के आवेदन आने लगे हैं कि उनकी चुनाव में ड्यूटी न लगाई जाए। चुनाव विभाग ने अभी तक ऐसे किसी आवेदन पर विचार नहीं किया है।
उम्मीदवार खर्च कर सकेंगे 54 लाख
चंडीगढ़ से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार 24 लाख रुपये चुनाव प्रचार पर खर्च कर सकेंगे। इसके लिए हर उम्मीदवार को बैंक में अलग खाता खोलना होगा और इस खाते पर बैंक के नियम मान्य होंगे। एक उम्मीदवार एक साथ एक समय पर तीन वाहन का ही उपयोग कर पाएगा। इसके अलावा उम्मीदवारों को कई तरह के और निर्देश दिए गए हैं।
वोट डालने का निशान दिखाओ, आफर पाओ
प्रशासन की ओर से इस बार चुनाव के लिए पहली बार मतदाता बने युवाओं को आकर्षित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। चंडीगढ़ के गृह सचिव और चीफ इलेक्टोरल अफसर अनिल कुमार ने कहा कि मतदान करने वाले युवाओं को चुनाव के अगले दिन होटल या रेस्त्रां में खाने पर छूट दी जाएगी।
युवा अपनी अंगुली पर मतदान करने का निशान दिखाकर यह छूट का लाभ ले पाएंगे। प्रशासन इसके लिए कई होटलों के प्रबंधकों से बातचीत कर रहे हैं। साथ ही प्रशासन मतदान करने वाले विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट भी देगा।
इसके साथ ही सुबह सबसे पहले पहुंचने वाले दस मतदाताओं को भी प्रशासन पुरस्कृत करेगा। मतदाताओं को गरमी से बचाने के लिए मतदान केंद्रों में शेड लगेंगे और उन्हें एसएमएस की सुविधा भी दी जाएगी।