भीषण गर्मी के बावजूद शहरवासियों ने लोकतंत्र के महापर्व में जबरदस्त उत्साह दिखाया। कुल 659,805 पात्र मतदाताओं में से 4,48,007 ने मतदान किया। कुल 67.90 फीसदी मतदान हुआ है। ये पिछली बार से 2.72 फीसदी कम है। हालांकि रिटर्निंग ऑफिसर के अनुसार ये आंकड़े प्रोविजनल है, क्योंकि मतदान दलों की तरफ से दिए गए आंकड़ों के मिलान के बाद फाइनल प्रतिशत की घोषणा होगी। इसमें थोड़ा बहुत परिवर्तन हो सकता है।
लोगों में वोट डालने का क्रेज इस कदर था कि मलोया में सुबह चार बजे ही कई लोग लाइन में थे। कई इलाकों में लोग पहचान पत्र लेकर की मॉर्निंग वॉक के लिए निकले और वोट डालकर ही घर पहुंचे। इसी का नतीजा था कि दोपहर 1:00 बजे तक ही 40 फीसदी मतदान हो चुका था। सुबह 7 बजे से शुरू हुआ मतदान शाम 6 बजे खत्म हो गया लेकिन जो मतदाता लाइन में लगे थे, उन्हें वोट देने दिया गया। सेक्टरों में ठीक शाम 6 बजे मतदान संपन्न हो गया लेकिन विभिन्न कालोनियों में भीड़ ज्यादा होने की वजह से देर शाम तक वोटिंग हुई। इसके बाद देर रात तक अधिकारी सेक्टर-26 स्थित स्ट्रांग रूम में जुटे रहे। कुछ कॉलोनी में भारी भीड़ की वजह से पुलिसकर्मियों के साथ धक्का मुक्की की घटनाएं सामने आई हैं। हालांकि इसके अलावा मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। सभी गांव और कॉलोनियों के बूथों पर अच्छी खासी भीड़ रही। कुछ बूथों पर मॉक पोलिंग के दौरान ईवीएम दगा दे गए लेकिन उन्हें समय रहते ही ठीक कर लिया गया। इस बार ईवीएम खराब की सूचनाएं नहीं मिली। कुछ केंद्रों पर मतदान 15 मिनट की देरी से शुरू हुआ। बहुत से लोगों की शिकायत रही कि कई मतदान केंद्रों पर मतदान की प्रक्रिया बहुत धीमी रही, जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी आई।
19 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद, 4 जून को फैसला
चंडीगढ़ की सीट पर मतदान होने के बाद 19 प्रत्याशियों के भाग्य इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में कैद हो गए हैं। शनिवार को देर रात तक स्ट्रांग रूम में वोटिंग मशीनों को जमा कर दिया गया। इन मशीनों को सेक्टर-26 के चंडीगढ़ कॉलेज आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में रखा गया है। अब 4 जून को मतगणना वाले दिन यह ईवीएम खुलेंगे। तब तक यह ईवीएम सख्त पहले में होंगी। 4 जून को चंडीगढ़ के 19 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा। हालांकि माना जा रहा है कि मुख्य मुकाबला भाजपा के प्रत्याशी संजय टंडन और कांग्रेस के मनीष तिवारी के बीच होगा। कौन बाजी मारेगी, इसका फैसला 4 जून को ही होगा।
सुबह ही पहुंचे अधिकतर मतदाता, दोपहर में रहा सन्नाटा
भीषण गर्मी को देखते हुए बहुत से लोग सुबह ही मतदान केंद्र पर पहुंच गए थे। इस वजह से सुबह ज्यादा भीड़ रही और दोपहर के समय अधिकतर मतदान केंद्र खाली नजर आए। वीवीआईपी सेक्टरों में पोलिंग बूथ सुबह 11:00 बजे के बाद ही खाली हो गए। इसके बाद इक्का-दुक्का लोग ही पहुंचे, जबकि कॉलोनियों में देर शाम तक भीड़ रही। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी वोट डाला। इसमें प्रशासक के सलाहकार राजीव वर्मा, मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय नामदेवराव जड़े व अन्य रहे। बता दें कि वर्ष 2019 में 70.62 फीसदी मतदान हुआ था और 2014 में 73.71 फीसदी मतदान हुआ था।
हर घंटे बढ़ता रहा मतदान
समय - मतदान
सुबह 9 बजे - 11.64 फीसदी
सुबह 11 बजे - 25.03 फीसदी
दोपहर 1 बजे - 40.14 फीसदी
दोपहर 3 बजे - 52.61 फीसदी
शाम 5 बजे - 62.8 फीसदी