गरीबों का होगा मुफ्त इलाज
प्रो. जगतराम ने बताया कि एम्प्युटी क्लीनिक में गरीब मरीजों का मुफ्त इलाज किया जाएगा। अगर किसी मरीज को सर्जरी के बाद कृत्रिम अंग की जरूरत पड़ी तो पीजीआई उसका खर्चा वहन करेगा। इसके साथ ही पीजीआई पंजाब, हरियाणा, हिमाचल व अन्य राज्यों की सरकारों से ऐसे मरीजों के इलाज में होने वाले खर्च का कुछ हिस्सा मुहैया कराने का भी प्रस्ताव रखेगा।
पीजीआई में हर साल आते हैं 300 केस
डॉ. ढिल्लो ने बताया कि पीजीआई के एडवांस ट्रामा सेंटर में हर साल लगभग 300 ऐसे केस आते हैं, जिसमें से लगभग 125 मरीज एम्प्युटी के होते हैं। इनके हाथ-पैर काटने पड़ते हैं, लेकिन सर्जरी के बाद आगे के फॉलोअप की प्रक्रियाएं सही तरीके से पूरी न होने के कारण उन्हें दिनचर्या और कार्यक्षेत्र में तमाम कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उन मरीजों को इस क्लीनिक के माध्यम से सामान्य जीवन जीने का तरीका सिखाया जाएगा।