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Chandigarh: मां के हत्यारे बेटे को उम्रकैद, दोषी ने मार-मार कर तोड़े थे बुजुर्ग के दांत, इलाज के दौरान मौत

Fri, 30 Aug 2024 08:09 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

चंडीगढ़ जिला अदालत ने बुजुर्ग मां की हत्या करने वाले बेटे को दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी ने चार साल पहले अपनी मां की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी।  
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दोषी को उम्रकैद। - फोटो : ANI
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विस्तार
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खुदा मुझसे मां की मोहब्बत न छीने यह एक नज्म की पंक्तियां है। लेकिन नज्म की पंक्तियों के विपरीत एक बेटे ने 65 वर्षीय मां हत्या कर उसकी खुशियों के साथ जीवन छीन लिया। इस मामले पर सुनवाई करते हुए चंडीगढ़ जिला अदालत ने दोषी बेटे को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषी की पहचान सेक्टर-11 निवासी अखिलेश महाजन के रूप में हुई है।

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जनवरी 2020 में सेक्टर -11 थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 308 (गैर इरादतन हत्या) के तहत दोषी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उसपर अपनी मां को बेरहमी से पीटने का आरोप था। पीजीआई में इलाज के दौरान मां की मौत हो गई थी, जिसके बाद दोषी के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 ( हत्या) की धारा जोड़ दी थी।

बेरहम बेटे ने गंदी गालियां देते हुए मां पर लात-जूतों से वार कर दांत तोड़ डाले थे। दोषी महाजन के पड़ोसी विकास नागपाल की शिकायत पर पुलिस ने यह मामला दर्ज किया था। नागपाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह महाजन के सामने वाली कोठी में रहता है। 21 जनवरी 2020 को उसकी कोठी में मरम्मत का काम चल रहा था। शाम करीब चार बजे सामने वाली कोठी में किराये पर रहने वाले अखिलेश महाजन के घर से बचाओ-बचाओ की चीखें सुनाई दे रही थी। जब वह पहुंचा तो देखा कि महाजन अपनी मां सुषमा को बुरी तरह पीट रहा था। 
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शिकायतकर्ता ने बताया था कि दोषी अपनी मां को पीटते हुए कह रहा था कि मेरी मां ने मेरे पर कत्ल का इल्जाम लगाया है। मैं इसको आज छोडूंगा नहीं। इसके बाद अखिलेश ने अपनी मां को गंदी -गंदी गालियां देते हुए उसके मुंह पर अपनी लात से वार किया, जिसके चलते उसकी मां के मुंह से खून निकलने लगा और उसके दांत भी टूट के बाहर आ गए। 

शोर सुन महाजन के मकान मालिक ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर दिया। पुलिस मौके पर पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि अदालत में महाजन के वकील ने दलील दी कि उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। उसका जेल में इलाज भी चल रहा था। लेकिन जज ने उसकी दलीलों को नहीं माना और दोषी को उम्रकैद की सजा सुना दी।

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