दिवाली की रात चंडीगढ़ की कुम्हार कालोनी के दीये दुनिया भर में रोशनी फैलाएंगे। धनतेरस के लिए बर्तन भी विदेश जाते हैं और त्योहार पर लगाने को महेंदी भी। आस्ट्रेलिया, लंदन, कनाडा, यूएसए और अमेरिका के साथ कई अन्य देशों में कुम्हार कालोनी के दीये ही जलेंगे। जी हां, यहां के दीयों की खूबी ही कुछ ऐसी है, जिसकी वजह से यह विदेश तक पहुंच गए हैं। दीवाली के त्योहार पर विदेश में बसे भारतीय अपने घरों में भारत से मंगवाए गए दीये जलाएंगे।
चंडीगढ़ के एक निर्यातक के अनुसार सिटी से करीब तीन से चार लाख दीये दीवाली के मौके पर विदेश में भेजे जाते हैं। इसका कारण यह नहीं है कि विदेशों में दीये नहीं बनते हैं बल्कि इसकी प्रमुख वजह है कि लोगों को चंडीगढ़ के दीये ज्यादा पसंद हैं। दीये में उनके अपने शहर के मिट्टी की खुशबू होती है। कुम्हार कालोनी में दीये बनाने वाले श्याम लाल ने बताया कि दीपावली के लिए उनकी तैयारी दीपावली से छह माह पहले ही शुरू हो जाती है।
पहले कच्चे दीये तैयार किए जाते हैं और उसके बाद उनका रंग रोगन करके उनको आकर्षक बनाया जाता है। दीये के दो साइज विदेश में भेजे जाते हैं। एक छोटा दीया और दूसरा बड़ा दीया। दीये को विदेश भेजने वाले निर्यातक पहले ही जानकारी दे देते हैं कि उनको कैसा दीया चाहिए। उन्होंने बताया कि दीये तैयार करने का काम दो से तीन माह में पूरा होता है। सिर्फ श्यामलाल ही नहीं, चंडीगढ़ के अन्य कारीगर भी दीये तैयार करने का काम करते हैं और तब कहीं जाकर दीये विदेश तक पहुंच पाते हैं।
धनतेरस के लिए बर्तन भी जाते हैं चंडीगढ़ से
धनतेरस भी आस्ट्रेलिया, कनाडा, लंदन, अमेरिका में भी धूमधाम से मनाई जाती है। धनतेरस के मौके पर बर्तन की खरीदारी शुभ मानी जाती है और इसीलिए चंडीगढ़ से इन देशों में ग्लास कटोरी, बड़े डब्बे, जग और चम्मच के साथ कॉपर के बर्तन भी भेजे जाते हैं। इसके साथ ही एल्युमीनियम की कढ़ाइयां और लोहे का तवा भी भेजा जाता है।
चंडीगढ़ से सोलह हजार किलो मेहंदी गई विदेश
चंडीगढ़ से अबकी बार करवाचौथ के लिए सोलह हजार किलो मेहंदी विदेश मेें गई थी। एक एक्सपोर्टर के अनुसार विदेश में बसे भारतीय करवाचौथ का त्योहार धूमधाम से मनाते हैं। प्रतिवर्ष यह मांग बढ़ती ही जा रही है। चंडीगढ़ से मेहंदी मंगवाने का उद्देश्य होता है कि यहां की मेहंदी महिलाओं को रचती ज्यादा है।
ऐसे जाता है चंडीगढ़ से दीपावली का सामान
चंडीगढ़ व्यापार मंडल के चेयरमैन और निर्यातक चरंजीव सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ से दीपावली का सामान कनाडा और अन्य देशों में भेजने के लिए छह माह पहले तैयारी करनी पड़ती है। इसकी पैकिंग इतनी मजबूत की जाती है ताकि दीये और अन्य सामान टूट न जाएं। पैकिंग के बाद इसको लुधियाना ड्राई पोर्ट भेज दिया जाता है। वहां से इसको मुंबई में बंदरगाह में भेजा जाता है। यह सामान समुद्री जहाज से सिंगापुर होते हुए कनाडा तक जाता है।