यूटी के प्लान बजट में इस साल 10 फीसदी तक बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने खर्चों में कटौती करने के आदेश जारी किए हैं।
इसलिए इस बार चंडीगढ़ के बजट में भी ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हो रही है। पिछले सालों की तुलना में यह कम है। प्लान बजट में चंडीगढ़ को इस बार 80 से 90 करोड़ रुपये अधिक मिल सकते हैं।
17 फरवरी को संसद में अंतरिम बजट पेश होना है। उसी दिन चंडीगढ़ को भी अपना बजट मिल जाएगा। पिछले वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए प्लान बजट के तहत चंडीगढ़ को 876.05 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि वर्ष 2012-13 में चंडीगढ़ को 737.23 करोड़ मिले थे।
ऐसे में इस साल चंडीगढ़ को प्लान बजट में 950 करोड़ के करीब मिलने की उम्मीद है। प्रशासन की ओर से हालांकि केंद्र सरकार से 948 करोड़ रुपये मांगे गए हैं जो कि पिछले साल मिले प्लान बजट से 72 करोड़ रुपये अधिक हैं।
पिछले साल 2615.56 करोड़ नॉन प्लान बजट में मिले थे। इस साल प्रशासन ने नॉन प्लान बजट के तहत 3092.40 करोड़ रुपये की मांग की है जो कि पिछले साल से 476.84 करोड़ ज्यादा है। ऐसे में इस बार प्रशासन ने कुल 4040.40 करोड़ रुपये का बजट केंद्र से मांगा है।
जबकि, मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए कुल 3491.61 करोड़ रुपये मिले थे। हाल ही में चंडीगढ़ के प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में भी प्लान बजट के लिए विभिन्न विभागों से उनकी जरूरतों को लेकर चर्चा हुई थी। इसके बाद प्रशासन ने अपनी मांग केंद्र सरकार के पास भेजी थी।
शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन पर फोकस
पिछले साल की तरह इस साल भी चंडीगढ़ के बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन पर फोकस रहेगा। प्लान बजट में शिक्षा के लिए लगभग 180 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है, ताकि स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा सके।
पिछले साल बजट में शिक्षा के लिए 151.68 करोड़ रुपये मिले थे। वहीं स्वास्थ्य के लिए लगभग 120 करोड़ रुपये प्लान बजट में मिलने की उम्मीद है। पिछले वित्तीय वर्ष में प्लान बजट में स्वास्थ्य के लिए 107.03 करोड़ रुपये मिले थे।
इस बार स्वास्थ्य के बजट में चंडीगढ़ में ट्रामा अस्पताल बनाने के लिए पैसा मांगा जा रहा है। ट्रांसपोर्ट के लिए प्लान बजट में 80 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए नई बसें खरीदने के लिए बजट में पैसा मांगा जाएगा।
मौजूदा वित्त वर्ष में नहीं मिला अतिरिक्त बजट
मौजूदा वित्त वर्ष में चंडीगढ़ को केंद्र सरकार से अतिरिक्त बजट नहीं मिला। चंडीगढ़ प्रशासन ने केंद्र सरकार से नॉन प्लान बजट में लगभग 200 करोड़ रुपये मांगे थे। लेकिन, केंद्र प्रशासन को अतिरिक्त बजट देने के लिए राजी नहीं हुआ। केंद्र ने प्रशासन को पहले से स्वीकृत बजट के अनुसार ही अपनी जरूरतों को पूरा करने और खर्चे में कटौती करने को कहा था।
ऐसे बढ़ा चंडीगढ़ का बजट
2005-06 2006-07 2007-08 2008-09 2009-10 2010-11 2011-12 2012-13 2013-14
प्लान 197.83- 249.23 -267.63-304.65 -319.22-450.91-661.89 -737.23-876.05
नॉन-प्लॉन 769.00-859.47 -835.00-890.00 -1449.00 -1916.91-2068.31-2178.78-2615.56
(राशि करोड़ रुपये में)