चंडीगढ़ सेक्टर-32 के पीजी में लगी आग में तीन लड़कियों की मौत की घटना को करीब 12 दिन बीच चुके हैं, लेकिन प्रशासन अभी भी डीसी की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। डीसी ने मामले की जांच एरिया एसडीएम एसके जैन को सौंपी थी। बुधवार को अमर उजाला ने उनसे बात की तो उनका था कि रिपोर्ट को तैयार होने में अभी दो से तीन दिन और लगेंगे।
घटना के बाद एडवाइजर मनोज परिदा ने तुरंत डीसी को मामले की जांच के आदेश दिए थे। उन्होंने कहा था रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंपी जाए ताकि आगे की कार्रवाई हो सके। लेकिन घटना के करीब 12 दिन बीतने के बावजूद रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है। हालांकि पुलिस की तरफ से पीजी संचालक और कोठी मालिक को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
दोनों पर गैर इरादतन हत्या समेत कई अन्य धाराएं लगाई गईं हैं। इस बारे में जब एडवाइजर मनोज परिदा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि आग लगने के कारण पता चल गए हैं। शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी और मकान में आग को जल्दी से पकड़ने वाले सामान लगाए गए थे, जिससे कि आग और तेजी से भड़की।
इसके अलावा कार्रवाई करते हुए पीजी संचालक और कोठी मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट कब तक आएगी, इसकी जानकारी एरिया एसडीएम व डीसी ही देंगे।
लैपटॉप के चार्जर में शॉर्ट सर्किट से लगी थी आग
पुलिस की जांच के अनुसार, आग लैपटॉप के चार्जर में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी। जिस मंजिल पर आग लगी उसमें तीन कमरों में फाइबर और लकड़ी का इस्तेमाल कर सात केबिन तैयार किए गए थे, जिनमें बेड रखने के बाद चलने के लिए भी काफी कम जगह थी। यहां करीब 14 लड़कियां रहती थीं। आग बुझाने के भी कोई इंतजाम नहीं थे। प्लास्टिक और फाइबर की वजह से आग तेजी से फैली जिस वजह से लड़कियों को निकलने की जगह नहीं मिली।