जुलाई 2016 में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत चुने गए चंडीगढ़ में प्रशासन कई ऐसी परियोजनाओं पर काम कर रहा है जो पूरी होने पर सिटी ब्यूटीफुल का नक्शा बदल जाएगा। इस समय शहर में स्मार्ट सिटी की 1900 करोड़ की योजनाएं चल रही हैं, वहीं निगम व प्रशासन के सहयोग से 1600 करोड़ की योजनाएं संचालित हो रही हैं। आने वाले समय में इनका लाभ मिलेगा।
मोबाइल वैन
बुजुर्गों के लिए घर बैठे नाक, कान, गले की चिकित्सकीय सेवा के लिए मोबाइल वैन चलेगी, जिसे पीजीआई संचालित करेगा ताकि बुजुर्गों को परेशान न होना पड़े।
वाटर एटीएम
सेक्टर- 34 में चार, सेक्टर- 43 बस स्टैंड पर 3, जिला अदालत में 2, सेक्टर- 43 मार्केट में एक वाटर एटीएम लगेंगे। 350 से 500 लीटर की क्षमता वाले वाटर एटीएम से लोगों को साफ व स्वच्छ पानी कम रेट में उपलब्ध कराया जाएगा।
दिव्यांगों व बुजुर्गों के लिए ई कार्ट
स्मार्ट सिटी बुजुर्गों और दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ई कार्ट देगा। इसमें सभी सुविधाओं के साथ उसे संचालित करना भी आसान होगा।
एमआरएफ
मैटीरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (एमआरएफ) बनने से घरों से कचरा लेकर गाड़ियां यहां आएंगी। इससे गाड़ियों का ईंधन बचेगा। वहीं कैप्सूलनुमा टैंकर में पैक होकर कचरा प्लांट में निस्तारण के लिए जाएगा। इससे प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी।
पब्लिक बाइक शेयरिंग
शहर में पांच हजार साइकिल चलाने की योजना से सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम होगा। पर्यावरण को काफी लाभ मिलेगा।
एलईडी लाइट
एरिया बेस्ड डवलपमेंट के आधार पर शहर में एलईडी लाइट लगेंगी जो मौसम के अनुसार जलेंगी व बंद होंगी। तय मानक से ज्यादा अंधेरा होने पर लाइट अपने आप जलेंगी और उजाला होने पर बुझ जाएंगी।
डंपिंग ग्राउंड
डड्डूमाजरा में बना डंपिंग ग्राउंड हटने के बाद काफी भूमि खाली हो जाएगी। यहां स्मार्ट सिटी के सीईओ ने फुटबॉल का मैदान बनाने का भी वादा किया है।
सैनेटरी लैंडफिल
सैनटरी लैंडफिल बनने से डंपिंग ग्राउंड से निकलने वाले लीचैट से क्षेत्रीय लोगों को समस्या नहीं होगी। बार-बार आग लगने की घटनाएं नहीं होंगी।
मृत जानवरों का निस्तारण प्लांट
अभी शहर में मरे हुए जानवरों के निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। इस प्लांट के बनने से दुर्गंध और अन्य समस्याओं से बचा जा सकेगा। एक कॉल पर निगम की गाड़ी जानवर को उठाकर ले जाएगी।
स्मार्ट सिटी के तहत शुरू हुईं योजनाएं लंबे समयावधि की हैं। फिर भी काफी योजनाएं लगभग तैयार हैं। जिसमें टॉयलेट की मरम्मत व अन्य कार्य शामिल हैं। एडीबी एरिया में शुरू किए गए कार्य पूरे शहर में होंगे। 24 घंटे पेयजलापूर्ति व्यवस्था से लोगों को काफी लाभ होगा। कुछ तकनीकी कारणों से काम में देरी हुई है। जल्द सभी कार्य पूरे किए जाएंगे। -अरुण सूद, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, चंडीगढ़
स्मार्ट सिटी की ज्यादातर योजनाएं अंडर प्रोसेस हैं। योजनाएं बनाने में थोड़ा समय जरूर लगा, लेकिन उसके बाद तेजी से टेंडर किया गया है। कोरोना महामारी के कारण काफी योजनाएं प्रभावित हुई हैं। इसमें लीगेसी माइनिंग, पब्लिक बाइक शेयरिंग प्रोजेक्ट शामिल हैं। 24 घंटे 7 दिन पेयजल आपूर्ति के बाद चंडीगढ़ प्रमुख पांच शहरों में आ जाएगा।
-केके यादव, सीईओ, स्मार्ट सिटी परियोजना
अभी 45वें स्थान पर
वर्ष 2019 तक चंडीगढ़ में स्मार्ट सिटी के नाम पर केवल सेक्टर 17 में एक बिल्डिंग ही थी। इस दौरान जब देशभर में स्मार्ट सिटी परियोजना की समीक्षा की गई तो चंडीगढ़ प्रमुख 50 शहरों में भी शामिल नहीं था। उसके बाद अधिकारियों ने वर्ष 2019 के अंत से परियोजनाओं पर तेजी दिखाई। 28 योजनाओं को शुरू करने के बावजूद अभी चंडीगढ़ 45वें स्थान पर है। अफसरों का दावा है कि 24 घंटे सात दिन पेयजल आपूर्ति सेवा शुरू होते ही चंडीगढ़ प्रमुख पांच शहरों में शामिल होगा।