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अंग्रेजी की परीक्षा के दिन सभी बच्चों को बैठाना बना चुनौती

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चंडीगढ़। स्कूलों में अभी दसवीं और बारहवीं बोर्ड के टर्म-1 की माइनर परीक्षाएं चल रही हैं। इसमें पंजाबी और वोकेशनल विषयों की परीक्षाएं शामिल हैं। 30 नवबंर से मुख्य विषयों की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इस बार बोर्ड की परीक्षाएं स्कूल परिसर में आयोजित करवाई जा रही हैं, जिस कारण स्कूल प्रमुखों के सामने दिशानिर्देशों के अनुसार व्यवस्था बनाने की चुनौती बनी हुई है। तीन दिसंबर को होने वाले बारहवीं के अंग्रेजी विषय की परीक्षा में सभी विद्यार्थियों को एक ही समय शामिल होना पड़ेगा। ऐसे में 500 से 600 विद्यार्थियों को 40-42 कमरों में 12 की संख्या में बैठाना स्कूलों के समक्ष चुनौती बना हुआ है।
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स्कूल शिक्षा निदेशक पालिका अरोड़ा ने बताया कि जिस दिन सभी विद्यार्थियों की परीक्षा होगी, उस दिन स्थिति देखते हुए सीबीएसई के निर्देशानुसार बच्चों को एडजस्ट किया जाएगा। विभाग की ओर से पर्यवेक्षण के लिए टीम भी बनाई गई है। इसके साथ ही सीबीएसई की टीम भी फील्ड में काम कर रही है। उनके पर्यवेक्षण में ही परीक्षाएं आयोजित हो रही हैं।
बोर्ड परीक्षाओं के कारण सुबह आठ से शाम साढ़े 6 बजे तक शिक्षकों को स्कूलों में ड्यूटी देनी पड़ रही है। परीक्षा कक्ष में ड्यूटी देने के साथ कॉपियों की जांच, ऑनलाइन अंक अपलोड करने, उत्तर पुस्तिकाओं के बंडल बनाकर भेजना इत्यादि काम शिक्षकों को ही करना पड़ रहा है। इस बार की परीक्षाएं बहुवैकल्पिक हैं, इसलिए हर विषय और इंस्ट्रक्टर की ड्यूटी भी कॉपी जांच करने में लगी है।
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प्रिंटर, इंटरनेट और बिजली का बैकअप भी स्कूलों को ही रखना है तैयार
स्कूलों में परीक्षा के दौरान उन्हें सीबीएसई पर्यवेक्षक की उपस्थिति में प्रश्न-पत्र परीक्षा के दिन ही डाउनलोड करना होता है। ऐसे में स्कूलों के सामने प्रिंटर, इंटरनेट और बिजली का बैकअप तैयार रखने की भी चुनौती है। इसके लिए कई स्कूलों ने जेनरेटर और प्रिंटर किराए पर लेकर रखे हैं, जिसे इमरजेंसी में इस्तेमाल किया जा सके। स्कूल प्रमुखों ने बताया कि बोर्ड परीक्षा की पुरानी व्यवस्था अधिक सुलभ थी।
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