इसी तरह ज्यादातर स्वास्थ्य संस्थाओं में परिवार नियोजन संबंधी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। जिला अस्पतालों में फैमिली पार्टिसिपेटरी केयर का अभ्यास किया जा रहा है। जिला अस्पतालों में ब्रेस्ट फीडिंग कॉर्नर स्थापित किए गए हैं। ईडब्ल्यूसी और सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में आरबीएसके स्क्रीनिंग करवाई जा रही है और बच्चों को मुफ्त सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
सीआरएम की टीम ने कहा कि एमबीबीएस डॉक्टर और पैरा-मेडिकल स्टाफ की एक टीम के साथ क्लीनिक सुचारु ढंग से चलाए जा रहे हैं। मरीजों के डाटा की रिपोर्टिंग और रिकॉर्डिंग के लिए कागज रहित प्रणाली उपलब्ध है। आम आदमी क्लीनिकों में विभिन्न लैब टेस्ट और दवाएं निशुल्क उपलब्ध हैं।
बेहतर कम्युनिटी अवेयरनेस के साथ 108 एंबुलेंस सेवा का प्रयोग किया जा रहा है। इस दौरान स्वास्थ्य सचिव पंजाब अजोए शर्मा और मिशन डायरेक्टर, नेशनल हेल्थ मिशन, पंजाब डॉ. अभिनव त्रिखा ने टीम के सदस्यों को सम्मान चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डायरेक्टर स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. रणजीत सिंह घोतड़ा, निदेशक परिवार कल्याण डॉ. रविंदरपाल कौर, निदेशक नेशनल हेल्थ मिशन पंजाब डॉ. सतिंदरपाल सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के प्रोग्राम अफसर उपस्थित रहे।