मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा में कालका से कालेसर तक साइकिल-बाइक ट्रैक निर्मित किए जाने के लिए केंद्र सरकार पैसा देगी। ज्योतिसर (कुरुक्षेत्र) में महाभारत व गीता से संदर्भित विश्वस्तरीय वर्चुअल म्यूजियम बनाने के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय बजट देगा।
उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र में 99 करोड़ रुपये की कृष्णा सर्किट-2 परियोजना व 97 करोड़ रुपये की हेरिटेज सर्किट परियोजना के लिए केंद्र से वित्त की मांग की गई है। दोनों परियोजनाएं केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को प्रेषित की जाएंगी। मोरनी (हरियाणा) में एडवेंचर स्पोर्ट्स परियोजना के लिए भी केंद्र, हरियाणा को आर्थिक सहयोग देगा। हरियाणा में स्थित सिंधु घाटी सभ्यता के पुरातात्विक स्थल राखी गढ़ी में साइकिल ट्रैक का निर्माण भी केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि गुरुग्राम में हिंदुस्तान इंसेक्टीसाइड लिमिटेड व इंडियन ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड को प्रदान की भूमि के सदुपयोग की दिशा में भी केंद्रीय रसायन व उर्वरक मंत्री से गहन विचार-विमर्श हुआ है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में खनन पर प्रतिबंध को लेकर हरियाणा की आपत्ति को केंद्र ने सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है। इस क्षेत्र में खनन को लेकर जल्दी कोई फैसला हो सकता है।
हरियाणा के लिए अलग से विधानसभा भवन के निर्माण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकतानुसार वर्तमान विधानसभा भवन छोटा है। हरियाणा विधानसभा के पृथक भवन के लिए केंद्र को प्रस्ताव दिया है। ऑस्ट्रेलिया में गिरफ्तार करनाल के नागरिक विशाल जूड की रिहाई को लेकर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से बात हुई है। विदेश मंत्रालय इस संदर्भ में अपने स्तर पर लगातार प्रयासरत है।
एसवाईएल और किसान आंदोलन को लेकर चर्चा
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने मंगलवार नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और केंद्रीय पशुपालन व डेयरी मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात कर कृषि, किसान और झींगा मछली पालन को लेकर चर्चा की। हरियाणा में पानी की कमी के मद्देनजर उन्होंने एसवाईएल निर्माण के अलावा किसान आंदोलन का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री से किसान उत्पादक समूह (एफपीओ), फसल बीमा योजना और ड्रिप सिंचाई को लेकर चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा एफपीओ बनाए जाएं। दलाल ने बताया कि प्रदेश में प्रगतिशील किसानों के सहयोग से अब तक 486 किसान उत्पादक समूह बनाए जा चुके हैं और 76,855 किसानों को इन समूहों से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि 1000 किसान उत्पादक समूह बनाने का लक्ष्य है।