रिंग रोड बनाने के लिए एनएचएआई करेगी कॉर्डिनेट
बैठक में पिछले कई वर्षों से लटका रिंग रोड का मुद्दा भी उठा। इसमें केंद्र सरकार की तरफ से एनएचएआई को कहा गया है कि वो जल्द इसे बनाए। पंजाब और हरियाणा को निर्देश दिया गया है कि उनके इलाके में जहां-जहां भी भूमि अधिग्रहण होना है, उसे जल्द किया जाए ताकि रिंग रोड का काम पूरा हो सके। एनएचएआई को पूरे मामले में कॉर्डिनेट करने को कहा गया है। हालांकि सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि अगर एनएचएआई चाहेगी कि चंडीगढ़ इस मामले को चंडीगढ़ कॉर्डिनेट करे तो उसके लिए भी तैयार हैं।
बन गए हैं गांव, इसलिए इको सेंसिटिव जोन घोषित करने में कई कठिनाइयां
सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि इको सेंसिटिव जोन को लेकर पंजाब और हरियाणा ने बैठक में कहा है कि वो इस बारे में एक प्रस्ताव बना कर केंद्र को भेजेंगे। बैठक में पड़ोसी राज्यों को आ रही कठिनाइयों पर भी चर्चा की गई। राज्यों की तरफ से बताया कि उनकी तरफ पड़ने वाले इलाके में कई गांव हैं, इसलिए वो एक प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं। दरअसल, इको सेंसटिव जोन (ईएसजेड) का 90 फीसद एरिया पंजाब-हरियाणा में आता है। वर्ष 2017 में यूटी प्रशासन ने सुखना वाइल्ड लाइफ सेंक्चुरी के दो से 2.75 किलोमीटर रेडियस को इको सेंसटिव जोन घोषित किया था। चंडीगढ़ प्रशासन इसकी अधिसूचना जारी कर पालन करा रहा है, लेकिन पंजाब और हरियाणा में सेंक्चुरी के साथ लगते एरिया में बड़े निर्माण हो चुके हैं। उन्होंने अब तक ईएसजेड घोषित नहीं किया है।