वहीं मामले में सिप्पी सिद्धू के भाई और मां दीपइंद्र कौर और सीबीआई ने कल्याणी की उस अर्जी का भी विरोध किया, जिसमें सप्लीमेंट्री फाइनल रिपोर्ट को सीबीआई द्वारा पेश की गई अनट्रेस रिपोर्ट के साथ मर्ज करने की मांग की गई थी। केस में शिकायतकर्ता ने कहा कि सीबीआई द्वारा केस में पहले दायर की गई अनट्रेस रिपोर्ट के विरोध में दायर याचिका का अभी फैसला नहीं हुआ है। वहीं केस में दायर अंतिम रिपोर्ट और सीआरपीसी 173(8) के तहत दायर रिपोर्ट दोनों अलग हैं। ऐसे में इसे मर्ज नहीं किया जा सकता।
यह था मामला
मोहाली निवासी राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज व पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के वकील सुखमनप्रीत सिद्धू उर्फ सिप्पी सिद्धू का शव 20 सितंबर 2015 को चंडीगढ़ सेक्टर-27 स्थित एक पार्क में मिला था। चार गोलियां मारकर उनकी हत्या की गई थी। शुरुआत में चंडीगढ़ पुलिस ने केस की जांच की। ढीली जांच के दौरान पुलिस ने कई सबूतों पर गौर नहीं किया।
वर्ष 2016 में इस केस को सीबीआई को सौंप दिया गया। दिसंबर 2020 में सीबीआई ने केस में अनट्रेस रिपोर्ट दायर की थी। हालांकि कोर्ट ने सीबीआई को केस की जांच जारी रखने का आदेश दिया था और फाइनल रिपोर्ट पेश करने को कहा था। इस मामले में कल्याणी को 15 जून 2022 को गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई के मुताबिक कल्याणी के साथ मौके पर एक और शूटर था। दोनों ने मिलकर सिप्पी की हत्या की थी।