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Sippy Sidhu murder case: अदालत में CBI ने कहा- कल्याणी को नहीं किया गया टॉर्चर, आरोप झूठे

Wed, 07 Dec 2022 09:53 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मोहाली निवासी राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज व पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के वकील सुखमनप्रीत सिद्धू उर्फ सिप्पी सिद्धू का शव 20 सितंबर 2015 को चंडीगढ़ सेक्टर-27 स्थित एक पार्क में मिला था। चार गोलियां मारकर उनकी हत्या की गई थी।
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सिप्पी सिद्धू व कल्याणी सिंह की फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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चर्चित सिप्पी सिद्धू हत्याकांड की आरोपी कल्याणी सिंह (36) ने सीबीआई पर टॉर्चर करने का आरोप लगाया था। जांच एजेंसी ने अब विशेष अदालत में जवाब दाखिल कर आरोप को बेबुनियाद और झूठा बताया है। साथ ही कहा है कि कल्याणी को टॉर्चर नहीं किया। बता दें कि हाईकोर्ट की वर्तमान जज की बेटी कल्याणी को सीबीआई ने 15 से 21 जून तक रिमांड पर लिया था। 

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कल्याणी ने आरोप लगाया था कि उसे रिमांड के दौरान डीएसपी, इंस्पेक्टर और अन्य अधिकारियों के कमरे में ले जाया गया और मौखिक व शारीरिक रूप से टॉर्चर किया गया। उस पर अपराध को कबूलने का दबाव बनाया गया। जवाब में सीबीआई ने कहा है कि कल्याणी के रिमांड के दौरान उसका नियमित मेडिकल करवाया गया था। मेडिकल में उसे किसी तरह की चोट लगने या उस पर बल प्रयोग की बात सामने नहीं आई। इस दौरान पारिवारिक सदस्य और वकील भी उससे मिलने आते थे। उसने तब कभी टॉर्चर किए जाने का आरोप नहीं लगाया। 

ट्रायल को लंबा खींचने की कोशिश 
अपने जवाब में सीबीआई ने यह भी कहा है कि जब कल्याणी को कोर्ट में पेश किया गया तब उसने ऐसे कोई आरोप नहीं लगाए थे। कल्याणी की यह अर्जी सिर्फ ट्रायल को लंबा खींचने का एक जरिया है। केस डायरी में जांच से जुड़ी सारी जानकारी मौजूद है। उसे समय-समय पर कोर्ट को दिखाया जाता रहा है। कल्याणी ने कोर्ट से मांग की थी कि रिमांड के दौरान हुई पूछताछ की वीडियोग्राफी व ऑडियोग्राफी को संरक्षित करने के आदेश सीबीआई को दिए जाएं। 

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वहीं मामले में सिप्पी सिद्धू के भाई और मां दीपइंद्र कौर और सीबीआई ने कल्याणी की उस अर्जी का भी विरोध किया, जिसमें सप्लीमेंट्री फाइनल रिपोर्ट को सीबीआई द्वारा पेश की गई अनट्रेस रिपोर्ट के साथ मर्ज करने की मांग की गई थी। केस में शिकायतकर्ता ने कहा कि सीबीआई द्वारा केस में पहले दायर की गई अनट्रेस रिपोर्ट के विरोध में दायर याचिका का अभी फैसला नहीं हुआ है। वहीं केस में दायर अंतिम रिपोर्ट और सीआरपीसी 173(8) के तहत दायर रिपोर्ट दोनों अलग हैं। ऐसे में इसे मर्ज नहीं किया जा सकता।

यह था मामला 
मोहाली निवासी राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज व पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के वकील सुखमनप्रीत सिद्धू उर्फ सिप्पी सिद्धू का शव 20 सितंबर 2015 को चंडीगढ़ सेक्टर-27 स्थित एक पार्क में मिला था। चार गोलियां मारकर उनकी हत्या की गई थी। शुरुआत में चंडीगढ़ पुलिस ने केस की जांच की। ढीली जांच के दौरान पुलिस ने कई सबूतों पर गौर नहीं किया। 

वर्ष 2016 में इस केस को सीबीआई को सौंप दिया गया। दिसंबर 2020 में सीबीआई ने केस में अनट्रेस रिपोर्ट दायर की थी। हालांकि कोर्ट ने सीबीआई को केस की जांच जारी रखने का आदेश दिया था और फाइनल रिपोर्ट पेश करने को कहा था। इस मामले में कल्याणी को 15 जून 2022 को गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई के मुताबिक कल्याणी के साथ मौके पर एक और शूटर था। दोनों ने मिलकर सिप्पी की हत्या की थी।
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