सीबीआई ने पंजाब नेशनल बैंक के साथ 27.12 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में शिअद नेता व नगर सुधार ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन हरिन्द्रजीत सिंह समरा, उसके 17 परिजनों, हिस्सेदारों और दो बैंक अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया है। सीबीआई ने इन सभी के खिलाफ धारा 420, 406, 409, 120बी और भ्रष्टाचार रोकू एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
केस में समरा के परिवार की छह महिलाओं के नाम भी शामिल हैं जबकि दो बैंक अधिकारियों को बैंक हिदायतों व शर्तों की अनदेखी करने के आरोप में नामजद किया गया है। जानकारी के अनुसार शिअद नेता हरिन्द्रजीत सिंह समरा व उनके परिवार ने पीएनबी की फरीदकोट ब्रांच के साथ 27.12 करोड़ की धोखाधड़ी जुलाई 2018 में लंबी (मुक्तसर) में स्थापित एक नई राइस मिल के नाम पर की।
इस मिल के नाम पर बैंक से कर्ज लेने वाले व्यक्तियों में शामिल हरिन्द्रजीत सिंह समरा, उनके बेटे राजवीर सिंह, पत्नी भूपिंदर कौर, बेटा सुखवीर सिंह व अन्य परिजनों हरमिंदर सिंह, शबदीप कौर, करनैल सिंह, बिपनपाल सिंह, अमनवीर कौर, परमिंदर कौर, जगजीत कौर, निंदरपाल कौर के अलावा उनके हिस्सेदार फर्मों समरा को-ऑनर्ज व स्टार एग्री लिमिटेड मुंबई को भी बतौर आरोपी नामजद किया गया है।
शिकायत के अनुसार जब बैंक के सीनियर मैनेजर ने लंबी स्थित अमृता फूड यूनिट को चेक किया गया तो वहां से अनाज गायब मिला जिसे बैंक के पास गिरवी दिखाकर कर्ज लिया गया था। बैंक का आरोप है कि आरोपियों ने बैंक के फंड को दूसरे परिजनों के खातों में तबदील कर लिया। जुलाई 2018 के दौरान फरीदकोट पुलिस ने भी पनसप विभाग की शिकायत पर उक्त परिवार की एक राइल मिल से 7.45 करोड़ के मूल्य की धान की 1.03 लाख बोरियां खुर्दबुर्द करने के मामले में सुखबीर सिंह समरा के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। पनसप का आरोप था कि राइस मिल के मालिक मलकीत सिंह ने सुखबीर सिंह समरा की मिलीभगत के साथ विभाग के साथ धोखाधड़ी की है।