सीबीआई जज को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच में कुछ और तथ्य सामने आए हैं। जांच के आधार पर एसीबी ने सीबीआई जज सुधीर परमार की ऑडियो रिकॉर्डिंग का जिक्र किया है। इन ऑडियो रिकार्डिंग और व्हाट्सएप चैट के माध्यम से ही एसीबी ने जज पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया। एफआईआर में इससे जुड़े सभी सबूत और दस्तावेज शामिल किए गए हैं।
इस मामले में एसीबी तीन महीने पहले से ही हरियाणा के सीबीआई जज सुधीर परमार पर नजर रख रही थी। पूरे मामला उजागर होने के बाद एसीबी की ओर से मामला दर्ज करने के लिए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय से अनुमति मांगी गई। न्यायालय के समक्ष सबूत पेश किए जाने के बाद एसीबी को इस मामले में हाईकोर्ट से एफआईआर दर्ज करने की अनुमति मिली।
एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 8, 11 और 13 और धारा 120-बी के तहत एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में परमार और एक अन्य व्यक्ति के बीच व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट का जिक्र किया गया है। जिसमें पैसे के लेन-देन की बात की जा रही है।
व्हाट्सएप चैट में अज्ञात से रिश्वत दिलवाने की मांग की जा रही
व्हाट्सएप चैट के दौरान अज्ञात व्यक्ति से रिश्वत दिलवाने की मांग की जा रही है। हालांकि चैट में व्यक्ति का कहना है कि पहले ही पांच करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। व्हाटसएप चैट में परमार के अन्य सहयोगी भी शामिल हैं। इस रिकॉर्डिंग के अलावा एक अन्य रिकॉर्डिंग का भी एफआईआर में जिक्र है। जिसमें डेढ़ करोड़ रुपये की मांग की गई है। ऑडियो रिकॉर्डिंग से पता चला है कि परमार ने एक व्यक्ति के साथ बातचीत के दौरान स्वीकार किया है कि उसने प्रभावित पक्ष को ईडी के मामलों में आरोपी नहीं बनने दिया।