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Punjab: ऑपरेशन कनक-2 में CBI ने एफसीआई के ठिकानों पर दी दबिश, पूरे पंजाब में 50 गोदामों की तलाशी

Tue, 21 Feb 2023 01:55 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

सीबीआई सूत्रों के अनुसार, एफसीआई अधिकारियों, निजी चावल मिल मालिकों और अनाज व्यापारियों के परिसरों पर रेड की गई है। पूरा मामला एफसीआई को भारी रिश्वत के भुगतान के संबंध में है। 
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सीबीआई की छापेमारी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) में फैले भ्रष्टाचार के मामले में मंगलवार को पंजाब में 50 ठिकानों पर छापे मारे। जांच एजेंसी ने अनाज व्यापारियों, चावल मिल मालिकों, किसान नेता, एफसीआई के सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारियों के घर व दफ्तरों को खंगाला। इस दौरान सीबीआई ने कुछ जगहों से रिकॉर्ड भी जब्त किया।

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एफसीआई में भ्रष्ट अधिकारियों के संगठित गिरोह से संबंधित प्राथमिकी में तलाशी का यह दूसरा दौर है। बीते महीने सीबीआई ने पूरे देश में 90 से ज्यादा ठिकानों पर दबिश देकर एफसीआई के भ्रष्टाचार का खुलासा किया था। जांच एजेंसी ने 74 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर चंडीगढ़ के दो अधिकारियों और पंजाब के एक बिचौलिये को गिरफ्तार किया था। इस मामले का खुलासा करने के लिए सीबीआई के अधिकारियों ने छह महीने तक अंडर कवर एजेंट के तौर पर पूरे मामले की छानबीन की थी।

इन जगहों पर मारे गए छापे
सीबीआई की कई टीमों ने मंगलवार को मोहाली, लुधियाना, पटियाला, संगरूर, मोगा, फिरोजपुर, सरहिंद, सुनाम, फतेहगढ़ साहिब समेत अन्य शहरों में छापे मारे। यह कार्रवाई मंगलवार को तड़के शुरू हुई थी, जो दोपहर तक जारी रही।
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हर ट्रक से लेते थे चार हजार
सीबीआई ने खुलासा किया था कि एफसीआई में भ्रष्ट अधिकारियों का एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जो व्यापारियों और चावल मिल मालिकों से घटिया अनाज लेकर उन्हें मानक के अनुरूप दिखाकर गोदाम में रख लेते थे। एफसीआइ के गोदाम पर पहुंचने वाले हर ट्रक के लिए मिल मालिकों और विक्रेताओं से वहां तैनात तकनीकी सहायक 4000 रुपये वसूलता था। 

वसूले गए 4000 रुपये में से 100 रुपये मुनीम को मिलते थे। गुणवत्ता की जांच के लिए तैनात क्वालिटी कंट्रोल मैनेजर को 1000 रुपये मिलते थे। ऊपर के अधिकारियों को, जिसे सेंट्रल पुल कहा जाता था, 1050 रुपये पहुंचाये जाते थे, 1600-1700 रुपये खुद तकनीकी सहायक रखता था और 200 रुपये स्थानीय खर्च के लिए रखे जाते थे। 

सीबीआई ने दिल्ली स्थित एफसीआई मुख्यालय में तैनात संदीपक कुमार को भी आरोपी बनाया था। संदीप कुमार ने कुरली स्थित गोदाम में पकड़े गए कम गुणवत्ता का अनाज सप्लाई करने वाले मिल मालिकों और विक्रेताओं से पिछले साल जुलाई में 10 लाख रुपये की नकद रिश्वत ली थी।

किसान नेता के घर पर भी छानबीन
सीबीआई ने किसान आंदोलन से जुड़े व इंडियन फार्मर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रधान सतनाम सिंह बहिरू के घर भी छापे मारे। जांच एजेंसी के अधिकारियों ने सुबह करीब 9 बजे से लेकर शाम चार बजे तक किसान नेता व उनके परिवार के साथ पूछताछ की। सीबीआई अपने किसान नेता का फोन व उनकी जत्थेबंदी का लेटर पैड भी ले गई। दबिश खत्म होने के बाद सतनाम सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार किसान आंदोलन के नेताओं को निशाना बना रही है।

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