ठेकेदार के कार्यालयों और घर से मिले कंप्यूटरों की फोरेंसिक जांच, जीएमएसएच-16 के आईटी सेल में करोड़ों की गड़बड़ी की आशंका
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। टेंडर और भर्ती से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच में सीबीआई ठेकेदार के अलग-अलग कार्यालयों और घर से मिले लैपटॉप व पीसी में मौजूद डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही है। फोरेंसिक टीम फाइलों, दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है, ताकि टेंडर की शर्तें तैयार करने, खरीद प्रक्रिया और संबंधित लोगों की भूमिका से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके। सूत्रों के अनुसार, जीएमएसएच-16 के आईटी सेल में भी करोड़ों रुपये की गड़बड़ी की आशंका है। हालांकि, जांच के इन पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
जांच में इस बात की पड़ताल की जा रही है कि क्या एक ही ठेकेदार से बार-बार उपकरण और अन्य सामान खरीदे गए। साथ ही, खरीद प्रक्रिया में निर्धारित मानकों की अनदेखी और कथित तौर पर ठेकेदार के अनुकूल टेंडर की शर्तें तय किए जाने के पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक ऐसे उपकरणों की खरीद का मामला भी जांच के दायरे में है, जिनके पहले से कंडम घोषित नहीं होने की चर्चा है।
डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़ेंगी टेंडर प्रक्रिया की कड़ियां
छापेमारी के दौरान मिले लैपटॉप और पीसी से प्राप्त डिजिटल जानकारी का अन्य दस्तावेजों और साक्ष्यों से मिलान किया जाएगा। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि टेंडर संबंधी दस्तावेज किस तरह तैयार और साझा किए गए तथा उनमें दर्ज जानकारियों का कथित अनियमितताओं से क्या संबंध है। फोरेंसिक जांच के निष्कर्ष आगे की पड़ताल में अहम हो सकते हैं।
पीजीआई से पशु चिकित्सा विभाग तक भर्ती की जांच
सीबीआई की जांच में पीजीआई से लेकर पशु चिकित्सा विभाग तक की भर्तियों में कथित गड़बड़ियों से जुड़े पहलू भी शामिल हैं। भर्ती प्रक्रिया के दस्तावेजों, चयन रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक संवाद की जांच की जा रही है। एजेंसी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कथित अनियमितताओं और संबंधित लोगों की भूमिका की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।