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बरगाड़ी केसः सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की रिव्यू पिटीशन, कैप्टन बोले- जांच को लटकाने की कोशिश

Fri, 06 Mar 2020 11:15 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली/चंडीगढ़ ( पंजाब)
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- फोटो : फाइल फोटो
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बरगाड़ी बेअदबी केस की शुक्रवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान सीबीआई ने अदालत में बताया कि उनकी ओर से सुप्रीम कोर्ट में उस आदेश के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दायर की गई है। इसमें जांच एजेंसी की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई याचिका को खारिज कर दिया था। इसके साथ ही मामले की जांच पंजाब पुलिस को मिल गई थी। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई पहली अप्रैल को निश्चित की है। जिसमें केस के शिकायतकर्ता, पंजाब सरकार और अन्य लोगों को जवाब देने के लिए कहा गया है। 

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सीबीआई की ओर से अदालत में बताया गया है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में 5 मार्च को रिव्यू पिटीशन दायर की थी। इसमें उन्होंने कहा कि जब तक रिव्यू पिटीशन संबंधी फैसला नहीं आ जाता है। तब तक उक्त केस की कार्रवाई को पेंडिंग रखा जाए। शिकायतकर्ताओं के वकील ने बताया कि वह सीबीआई की एप्लीकेशन पर 1 अप्रैल को बहस करेंगे। जिसमें वह हर मुद्दे को उठाएंगे। 

बता दें कि सीबीआई ने मामले में 15 दिन का समय जवाब देने के लिए मांगा था। पंजाब सरकार ने इस पर एतराज जताया था। इसके साथ ही कहा था कि एजेंसी को पहले ही काफी समय मिल चुका है। राज्य सरकार ने अदालत से सीबीआई को केवल 7 दिन का समय देने का अनुरोध किया। सीबीआई ने अदालत को यह भी बताया कि पंजाब के ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के निदेशक ने पिछले साल जुलाई में सीबीआई को एक पत्र लिखा था। जिसमें कहा था कि नए तथ्यों की जांच होनी चाहिए। जिसके बाद एजेंसी ने तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। 
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सीबीआई के दावों पर राज्य सरकार द्वारा पिछले साल बेअदबी के मामलों की जांच के लिए गठित की गई एसआईटी के सदस्य आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अदालत को बताया कि पत्र 5-6 महीने पहले लिखा था लेकिन एजेंसी अभी तक जांच को आगे नहीं बढ़ा पाई है।

बरगाड़ी केस में जांच को लटकाने की कोशिश कर रही सीबीआई: कैप्टन

बरगाड़ी बेअदबी केस में सीबीआई द्वारा रिव्यू पिटीशन दायर करने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय जांच एजेंसी पर शिरोमणि अकाली दल के इशारे पर न्याय के राह में अड़चनें बिछाने का आरोप लगाया है। सीएम ने पिटीशन दायर करने के कदम को केस लटकाने की चाल बताया, जिसका उद्देश्य बरगाड़ी केस की जांच में रुकावटें पैदा करना है। 

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अगस्त, 2018 में विधानसभा में एक प्रस्ताव द्वारा इस केस की जांच पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) को सौंपने का फैसला किया था। सीएम ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि इस केस में अदालतें हर हाल में कानून को कायम रखेंगी और पीड़ितों को इंसाफ देंगी। 
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सीबीआई ने एसएएस नगर (मोहाली) में स्पेशल जुडिशियल मजिस्ट्रेट को 20 फरवरी को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर रिव्यू पिटीशन दायर करने संबंधी सूचना दी है। बता दें कि सर्वोच्च अदालत ने केंद्रीय जांच एजेंसी की स्पेशल लीव पिटीशन को देरी के आधार पर रद्द कर दिया था जबकि कानून का सवाल खुला छोड़ दिया था।

सीएम ने कहा कि रिव्यू पिटीशन दायर करके सीबीआई ने सिर्फ जांच लटकाने की कोशिश है बल्कि घटना में अकालियों की मिलीभगत की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने साल 2015 में पंजाब को हिलाकर रख दिया था। उन्होंने कहा कि सीबीआई की मौजूदा कार्रवाई से इस मामले में अकालियों की भागीदारी साफ तौर पर सिद्ध होती है। 

अकाली-भाजपा सरकार द्वारा नवंबर, 2015 में तीन केस सीबीआई को सौंपने का जिक्र करते हुए कैप्टन ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी जांच को किसी निष्कर्ष पर लाने में नाकाम रही है और यहां तक कि मामले की सुनवाई के मौके पर अदालत द्वारा भी इसका नोटिस लिया गया था। सीएम ने कहा कि सीबीआई द्वारा सबसे पहले क्लोजर रिपोर्ट दायर करनी थी फिर राज्य सरकार को इसकी कॉपी देने से इनकार करना और उसके दो महीनों बाद इस पर यू टर्न लेने का नाटक अकालियों के कहने पर रचा गया है।
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