बरगाड़ी बेअदबी केस में सीबीआई द्वारा रिव्यू पिटीशन दायर करने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय जांच एजेंसी पर शिरोमणि अकाली दल के इशारे पर न्याय के राह में अड़चनें बिछाने का आरोप लगाया है। सीएम ने पिटीशन दायर करने के कदम को केस लटकाने की चाल बताया, जिसका उद्देश्य बरगाड़ी केस की जांच में रुकावटें पैदा करना है।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अगस्त, 2018 में विधानसभा में एक प्रस्ताव द्वारा इस केस की जांच पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) को सौंपने का फैसला किया था। सीएम ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि इस केस में अदालतें हर हाल में कानून को कायम रखेंगी और पीड़ितों को इंसाफ देंगी।
सीबीआई ने एसएएस नगर (मोहाली) में स्पेशल जुडिशियल मजिस्ट्रेट को 20 फरवरी को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर रिव्यू पिटीशन दायर करने संबंधी सूचना दी है। बता दें कि सर्वोच्च अदालत ने केंद्रीय जांच एजेंसी की स्पेशल लीव पिटीशन को देरी के आधार पर रद्द कर दिया था जबकि कानून का सवाल खुला छोड़ दिया था।
सीएम ने कहा कि रिव्यू पिटीशन दायर करके सीबीआई ने सिर्फ जांच लटकाने की कोशिश है बल्कि घटना में अकालियों की मिलीभगत की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने साल 2015 में पंजाब को हिलाकर रख दिया था। उन्होंने कहा कि सीबीआई की मौजूदा कार्रवाई से इस मामले में अकालियों की भागीदारी साफ तौर पर सिद्ध होती है।
अकाली-भाजपा सरकार द्वारा नवंबर, 2015 में तीन केस सीबीआई को सौंपने का जिक्र करते हुए कैप्टन ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी जांच को किसी निष्कर्ष पर लाने में नाकाम रही है और यहां तक कि मामले की सुनवाई के मौके पर अदालत द्वारा भी इसका नोटिस लिया गया था। सीएम ने कहा कि सीबीआई द्वारा सबसे पहले क्लोजर रिपोर्ट दायर करनी थी फिर राज्य सरकार को इसकी कॉपी देने से इनकार करना और उसके दो महीनों बाद इस पर यू टर्न लेने का नाटक अकालियों के कहने पर रचा गया है।