जसवंत सिंह ने आरोप लगाया कि उनका बेटा 2010 से लापता है। याचिकाकर्ताओं के वकील ने दावा किया कि पंजाब के 105 लोग लापता हैं और उनका कोई अता-पता नहीं है। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने मामले दर्ज करने और अपने लापता बच्चों का पता लगाने के लिए पुलिस से संपर्क करने का बार-बार प्रयास किया लेकिन राज्य के उपकरणों ने उन्हें ढूंढने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया है।
वकील ने कहा कि चूंकि मामले छात्रों और व्यक्तियों के अवैध रूप से देश से बाहर जाने से जुड़ा हैं। इसलिए राज्य पुलिस का अधिकार क्षेत्र और भी सीमित है और केंद्रीय एजेंसियों पर बहुत अधिक निर्भरता है। उधर, पंजाब और हरियाणा सरकारों और केंद्र ने सीबीआई को जांच सौंपने का विरोध नहीं किया।
न्यायाधीश विनोद भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने कहा कि गंभीरता इस बात से पैदा होती है कि बड़ी संख्या में युवा लापता हैं और उनका कोई सुराग नहीं लग रहा है। इसके बाद हाईकोर्ट ने जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा।