भारतीय खाद्य निगम में करोड़ों के घोटाले में केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने चंडीगढ़ में सीबीआई की विशेष अदालत में तीन आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है। आरोपियों में भारतीय खाद्य निगम (FCI) के उपमहाप्रबंधक (DGM) राजीव कुमार मिश्रा, खरड़ की एग्रो इंडस्ट्रीज के मालिक रविंद्र सिंह खेड़ा और मैनेजर सतीश कुमार वर्मा शामिल हैं। पंजाब-हरियाणा समेत 50 जगहों पर छापेमारी कर जनवरी में सीबीआई ने इन तीनों को गिरफ्तार किया था।
सीबीआई ने 'ऑपरेशन कनक' के तहत छह महीने तक एफसीआई में हुए घोटाले की जांच की थी और जांच पूरी करने के बाद राजीव कुमार मिश्रा और रविंद्र सिंह खेड़ा को 50 हजार रुपये की रिश्वत के लेनदेन के आरोप में गिरफ्तार किया था। दोनों की गिरफ्तारी के बाद पूरा घोटाला सामने आया था। सीबीआई ने मामले में तीन लोगों को ही गिरफ्तार किया है जबकि एफआईआर में 75 आरोपियों के नाम शामिल हैं।
सीबीआई के मुताबिक, एफसीआई के अधिकारी निजी मिल मालिकों को फायदा पहुंचाने के लिए मोटी रिश्वत ले रहे थे जिस वजह से निजी मिल मालिक घटिया किस्म का अनाज एफसीआई के गोदामों में पहुंचाते थे। यही घटिया अनाज लोगों तक पहुंच रहा था। गोदाम में आने वाले हर एक ट्रक पर रिश्वत तय थी।
बता दें कि सीबीआई ने 'ऑपरेशन कनक' के तहत एफसीआई अधिकारियों, चावल मिल मालिकों व बिचौलियों के सिंडिकेट में संदिग्धों की पहचान करने के लिए छह महीने तक अंडरकवर ऑपरेशन चलाया। इसके बाद एफसीआई के कार्यकारी निदेशक सुदीप सिंह समेत कुल 75 आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की एफआईआर दर्ज की गई। इनमें 34 सेवारत अधिकारी, तीन सेवानिवृत्त और 17 निजी लोग व 20 कंपनियां शामिल हैं।