चंडीगढ़। पिछले दिनों पकड़े गए रेमडेसिवर के करीब तीन हजार इंजेक्शन का इस्तेमाल अब कोरोना मरीजों पर हो सकेगा। चंडीगढ़ प्रशासन की इस मांग को जिला अदालत ने स्वीकार कर लिया है। सोमवार को चंडीगढ़ पुलिस करीब 2970 इंजेक्शन स्वास्थ्य विभाग को सौंप देगा, जबकि 30 इंजेक्शन चंडीगढ़ पुलिस अपने पास रखेगी, ताकि केस मजबूत बन सके। मरीजों पर इस्तेमाल से पहले स्वास्थ्य विभाग इनकी गुणवत्ता जांचेगा। सब कुछ ठीक रहता है तो इन इंजेक्शन की आपूर्ति शहर के सभी अस्पतालों में कर दी जाएगी।
पिछले हफ्ते चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने बद्दी के फार्मा कंपनी में बिना अनुमति के बनाई गई तीन हजार रेमडेसिविर दवा पकड़ी थी। कंपनी को इन दवाओं को बाहर बेचने की अनुमति थी, लेकिन 11 अप्रैल को भारत सरकार की ओर से रेमडेसिविर के बाहर देशों में बेचने पर रोक लगा दी गई थी। इसके बावजूद कंपनी के नुमाइदों ने इंजेक्शन तैयार किया और उसे भारत के अलग-अलग प्रदेशों में बेचने की तैयार कर ली थी, जबकि कंपनी को इसकी मंजूरी नहीं थी।
शनिवार को चंडीगढ़ प्रशासन ने जिला अदालत में याचिका दायर कर कहा कि ऑपरेशन सेल ने रेमडेसिविर की इंजेक्शन की अवैध तस्करी को रोक कर बेहतरीन काम किया है। मरीजों को इन इंजेक्शन की जरूरत है। इस पर चंडीगढ़ पुलिस ने कहा कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। पुलिस ने यह भी कहा कि अवैध तस्करी के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए उन्हें हर डिब्बे से एक इंजेक्शन जरूरत पड़ेगी। उसके बाद अदालत ने उन्हें 30 डिब्बों से एक-एक इंजेक्शन लेने की अनुमति दी और साथ ही निर्देश दिया कि इन इंजेक्शन को स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया जाए। अब स्वास्थ्य विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
17 अप्रैल को पुलिस ने छह लोगों को रेमडेसिविर के साथ गिरफ्तार किया था
बीते 17 अप्रैल को चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने सेक्टर-17 के एक होटल से केरल निवासी अभिषेक, फिलिप जैकब, केपी फ्रांसिस, दक्षिणी दिल्ली के कालका निवासी सुशील कुमार, भोपाल निवासी प्रभात त्यागी को रेमडेसिविर दवा को अवैध तरीके से बेचने का सौदा करते पकड़ा था। इसके बाद पुलिस ने बद्दी स्थित फार्मा कंपनी के डायरेक्टर गौरव चावला को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि 11 अप्रैल को भारत सरकार ने रेमडेसिविर दवा की सप्लाई बंद कर दी थी। इसके बावजूद आरोपी बिना अनुमति के दवा का उत्पादन कर बेच रहे थे। जिसकी कीमत 4700 रुपये रखी गई थी। हालांकि, बाद में सभी को जेल भेज दिया गया था।