बाढ़ नियंत्रण के लिए मौजूद कैचमेंट भूमि (बाढ़ जलग्रहण) बेचने व इस पर निर्माण करने से 15 गांव के लोगों के जीवन संकट में पड़ने का मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब सरकार, डीसी व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी में मौजूद रणधीरपुर निवासी बख्शीश सिंह ने एडवोकेट विवेक सलाथिया के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से 15 गांव के लोगों के जीवन को बचाने के लिए गुहार लगाई है। याचिका में बताया गया कि डिंगा पुल के पास 45 कनाल 4 मरला भूमि मौजूद है जो राजस्व रिकार्ड में गैर मुमकिन मंडी मवेशी के तौर पर दर्ज थी।
इस भूमि को प्रभावशाली और राजनीतिक रसूख रखने वाले लोगों के जरिये बेच दिया गया। राजस्व व अन्य विभागों के अधिकारियों ने भी ऐसा होने दिया। याची ने बताया कि इस जगह से काली बेई नदी गुजरती है और बाढ़ या भीषण बरसात में यह कैचमेंट एरिया पानी को मार्ग देता है। अब इस कैचमेंट एरिया में बड़े स्तर पर निर्माण किया जा रहा है और ऐसे में नदी में पानी बढ़ते ही इससे सीधे तौर पर 15 गांव प्रभावित होंगे। याची ने हाईकोर्ट से अपील की है कि इस स्थान पर निर्माण को रुकवाया जाए। इस निर्माण और भूमि की बिक्री के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उन पर कार्रवाई की जाए। याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार व अन्य को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।