मई 2001 में हुआ था झगड़ा
सिविल सर्जन डॉ. हतिंदर कौर कलेर की पुलिस को दी शिकायत के अनुसार मई 2001 में राजेश मेहता का अपने पड़ोसी राजेश जैन और उनके पिता से झगड़ा हो गया था। राजेश मेहता और उसके साथियों ने उन्हें पीट दिया। इसके बाद राजेश मेहता ने सिविल अस्पताल में मेडिकल जांच करवाई और थाना डिजीवन-तीन में शिकायत दे दी।
राजेश मेहता ने डॉ. मनमोहन और डॉ. राजपाल सिंह ग्रेवाल की मिलीभगत से गलत एमएलआर कटवाई। कई चोटें ऐसी लिखवाईं जो लगी ही नहीं थी। ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ. राजपाल सिंह ग्रेवाल और डॉ. मनमोहन के सुझाव पर पुलिस ने धाराएं और बढ़ा दीं। जून 2012 में राजेश जैन के पिता सतपाल जैन की मौत हो गई और मई 2013 में अदालत ने राजेश जैन को छह महीने की सजा सुना दी।