पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने गुरुवार को तरनतारन जिले की ग्राम पंचायत मनावा में जमीन चकोते पर देने संबंधी मामले में तत्कालीन बीडीपीओ समेत तीन पंचायत सचिवों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और दो पंचायत सचिवों को गिरफ्तार कर लिया है। इन पर आरोप है कि बीते दो सालों के दौरान चकोते की रकम में 8,85,000 रुपये की कम वसूली दिखाकर पंचायती फंड में गबन किया गया।
विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले में आरोपी लाल सिंह एसईपीओ जिनके पास बीडीपीओ वलटोहा का प्रभार था, ग्राम पंचायत मनावा के पंचायत सचिव राजबीर सिंह, ग्राम विकास अफसर (वीडीओ) परमजीत सिंह और सारज सिंह के खिलाफ थाना विजिलेंस ब्यूरो अमृतसर में मुकदमा दर्जकर आगे कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मुकदमे में पंचायत सचिव राजबीर सिंह और वीडीओ परमजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि पंचायत मनावा ब्लॉक वलटोहा की तरफ से साल 2019- 20 में पंचायत की 24 एकड़ 7 कनाल 9 मरले जमीन चकोतेदारों को 7,35,000 रुपये में दी गई और चकोते की प्राप्त यह रकम ग्राम पंचायत मनावा के बैंक खाते में आज तक भी जमा नहीं करवाई गई।
इसके अलावा लाल सिंह और राजबीर सिंह की तरफ से हाईकोर्ट और पंचायत विभाग की हिदायतों के अनुसार जमीन की बोली न करवाकर उक्त जमीन की बोली को मुबलग 7,35,000 रुपये के मुकाबले अपनी मनमर्जी की कीमत पर अपने चहेते को 2020-21 और 2021-22 में क्रमश: मुबलग 3,35,000 और 2,50,000 रुपये में कम कीमत पर दे दी। इस तरह इन पंचायत मुलाजिमों ने दो सालों में चकोते की रकम 8,85,000 रुपये की कम वसूली दिखाकर पंचायत के फंडों में यह गबन किया गया।